हवाई यात्रा करना होगा महंगा, एयरलाइंस ने बढ़ाया किराया
घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। एयर इंडिया ने अपनी घरेलू उड़ानों के किराए में ₹899 तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। एयरलाइन के अनुसार नया किराया 8 अप्रैल से लागू होगा। कंपनी ने किराया बढ़ाने की वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी को बताया है।
एयर इंडिया के इस फैसले का असर देशभर के यात्रियों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो नियमित रूप से हवाई यात्रा करते हैं। एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती लागत के कारण किराया बढ़ाना जरूरी हो गया था।
जेट फ्यूल महंगा होने से बढ़ा दबाव
एयरलाइन कंपनियों के लिए जेट फ्यूल यानी ATF सबसे बड़ा खर्च होता है। हाल ही में जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एयरलाइंस की कुल संचालन लागत में जेट फ्यूल का हिस्सा 35 से 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ईंधन की कीमत बढ़ने का सीधा असर किराए पर पड़ता है।
एयर इंडिया ने कहा है कि लागत बढ़ने के कारण किराया संशोधित करना जरूरी हो गया था।
₹899 तक बढ़ सकता है किराया
एयर इंडिया के अनुसार किराए में बढ़ोतरी दूरी और रूट के आधार पर अलग-अलग होगी। कुछ रूटों पर ₹200 से ₹899 तक किराया बढ़ाया गया है।
छोटी दूरी की उड़ानों में कम बढ़ोतरी होगी, जबकि लंबी दूरी की उड़ानों में किराया ज्यादा बढ़ सकता है।
इस फैसले से घरेलू यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी।
8 अप्रैल से लागू होगा नया किराया
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि नया किराया 8 अप्रैल से लागू होगा। इस तारीख के बाद बुक होने वाले टिकट नए किराए के अनुसार होंगे।
जिन यात्रियों ने पहले ही टिकट बुक कर लिए हैं, उन पर इस बढ़ोतरी का असर नहीं पड़ेगा।
एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि टिकट बुकिंग से पहले किराए की जानकारी जरूर जांच लें।
अन्य एयरलाइंस भी बढ़ा सकती हैं किराया
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर इंडिया के बाद अन्य एयरलाइंस भी किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने से सभी एयरलाइंस प्रभावित होती हैं। ऐसे में अन्य कंपनियां भी जल्द किराया संशोधित कर सकती हैं।
अगर ऐसा होता है, तो हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है।
यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
किराया बढ़ने का सबसे ज्यादा असर नियमित यात्रियों पर पड़ेगा।
व्यापारिक यात्राएं, आपातकालीन यात्रा और छुट्टियों के दौरान यात्रा करने वालों को ज्यादा खर्च करना होगा।
कई यात्रियों ने किराया बढ़ने पर चिंता जताई है और इसे महंगाई का असर बताया है।
पर्यटन क्षेत्र पर भी असर
हवाई किराया बढ़ने का असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ सकता है।
अगर किराया बढ़ता है, तो यात्रियों की संख्या कम हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटन सीजन में किराया बढ़ना उद्योग के लिए चुनौती बन सकता है।
एयरलाइंस की लागत लगातार बढ़ रही
एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि जेट फ्यूल के अलावा अन्य खर्च भी बढ़ रहे हैं।
एयरपोर्ट शुल्क, रखरखाव लागत और संचालन खर्च बढ़ने से कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है।
इस कारण एयरलाइंस किराए में बढ़ोतरी करने को मजबूर हैं।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि यात्रियों को पहले से टिकट बुक करने की योजना बनानी चाहिए।
पहले से बुकिंग करने पर कम किराया मिल सकता है।
इसके अलावा विभिन्न एयरलाइंस के किराए की तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है कीमतें
अगर जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो हवाई किराया और महंगा हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों का असर एयरलाइंस पर पड़ता रहेगा।
इसलिए यात्रियों को आने वाले दिनों में महंगी हवाई यात्रा के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
एयर इंडिया द्वारा घरेलू उड़ानों के किराए में ₹899 तक की बढ़ोतरी से यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। 8 अप्रैल से नया किराया लागू होने के बाद हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी।
जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी को इसका मुख्य कारण बताया गया है। आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइंस भी किराया बढ़ा सकती हैं, जिससे हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है।