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108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ में 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 44 महिला कैडर शामिल। इन पर कुल 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

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Author: Heshma Published: 13 Mar 2026, 1:04 PM Updated: 4 Jul 2026, 3:33 AM Views: 105
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छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य में 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 44 महिला कैडर भी शामिल हैं। इन सभी माओवादियों पर कुल मिलाकर 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति का परिणाम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण को सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है।

44 महिला कैडर भी शामिल

आत्मसमर्पण करने वालों में बड़ी संख्या में महिला कैडर भी शामिल हैं। कुल 108 माओवादियों में से 44 महिलाएं बताई जा रही हैं, जो लंबे समय से नक्सली संगठन से जुड़ी थीं।

पुलिस का कहना है कि महिला कैडरों का आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कई सदस्य मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं।

करोड़ों रुपये का था इनाम

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर सरकार ने कुल 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इनमें कई ऐसे कैडर भी शामिल हैं जो नक्सली संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार लगातार चलाए जा रहे अभियान, बढ़ता दबाव और सरकार की पुनर्वास योजनाओं के कारण कई माओवादी संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण का रास्ता अपना रहे हैं।

पुनर्वास नीति का मिलेगा लाभ

सरकार की नीति के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास योजना के तहत सहायता दी जाती है। इसमें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए विभिन्न सुविधाएं शामिल होती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

नक्सल विरोधी अभियान को मिली मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे सुरक्षा बलों के प्रयासों को मजबूती मिलती है और प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में मदद मिलती है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और सुरक्षा अभियानों के जरिए हालात सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालिया आत्मसमर्पण को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Heshma

Heshma is a journalist known for covering political developments, social issues, and breaking news. She is committed to delivering factual, clear, and engaging journalism for modern audiences.

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