छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लाखों परिवारों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। कैबिनेट ने 2030 तक 42 लाख घरों में पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना से न केवल सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन गैस नेटवर्क का विस्तार किया जाए। इससे राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
42 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत लगभग 42 लाख घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को सिलेंडर की झंझट से मुक्ति मिलेगी और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही गैस रिसाव जैसी समस्याओं में भी कमी आने की संभावना है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर
पाइपलाइन गैस को स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों के उपयोग में कमी होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के जरिए राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलेगी और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। गैस पाइपलाइन बिछाने और संबंधित कार्यों में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा।