साइबर ठगी से बचाने प्रशासन की चेतावनी, जनगणना के नाम पर बढ़ी धोखाधड़ी की आशंका
देश में जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जनगणना के नाम पर फर्जी कॉल, मैसेज और क्यूआर कोड भेजकर धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड को स्कैन न करें और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
भारत सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और आधिकारिक माध्यमों से ही की जाएगी। किसी भी संदिग्ध लिंक या क्यूआर कोड पर भरोसा न करने की अपील की गई है। 📱
जनगणना के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी
जनगणना शुरू होने से पहले ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। लोगों को फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए क्यूआर कोड भेजे जा रहे हैं।
ठगी के तरीके:
- फर्जी क्यूआर कोड भेजना
- लिंक के जरिए जानकारी मांगना
- बैंक डिटेल्स मांगना
- ओटीपी साझा करने के लिए कहना
इन तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है।
कोई भी क्यूआर कोड स्कैन न करें
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के लिए किसी भी प्रकार का क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं है।
सावधानियां:
- अनजान क्यूआर कोड स्कैन न करें
- बैंक जानकारी साझा न करें
- ओटीपी न बताएं
- संदिग्ध कॉल से सावधान रहें
इन सावधानियों का पालन करने से साइबर ठगी से बचा जा सकता है। ⚠️
घर-घर जाकर होगी जनगणना
भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के अनुसार जनगणना की प्रक्रिया अधिकृत कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर की जाएगी।
जनगणना की प्रक्रिया:
- अधिकृत कर्मचारी घर आएंगे
- पहचान पत्र दिखाया जाएगा
- जानकारी दर्ज की जाएगी
इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान या क्यूआर कोड स्कैन नहीं होगा।
फर्जी कॉल और मैसेज से रहें सावधान
अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग जनगणना अधिकारी बनकर कॉल कर रहे हैं और जानकारी मांग रहे हैं।
फर्जी कॉल की पहचान:
- बैंक डिटेल्स मांगना
- ओटीपी मांगना
- लिंक भेजना
ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क रहें।
साइबर अपराध बढ़ने की आशंका
जनगणना जैसी बड़ी प्रक्रिया के दौरान साइबर अपराध बढ़ने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से चेतावनी जारी की है।
संभावित खतरे:
- बैंक फ्रॉड
- पहचान चोरी
- डिजिटल धोखाधड़ी
इनसे बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
नागरिकों की भूमिका:
- संदिग्ध कॉल की सूचना दें
- फर्जी लिंक की रिपोर्ट करें
- जागरूकता फैलाएं
इससे धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। 🤝
डिजिटल जनगणना की तैयारी
इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन यह प्रक्रिया अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही पूरी की जाएगी।
डिजिटल प्रक्रिया के फायदे:
- डेटा की सटीकता
- तेज प्रक्रिया
- सुरक्षित रिकॉर्ड
हालांकि नागरिकों को किसी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं होगी।
प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
अधिकारियों ने जनगणना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य निर्देश:
- केवल अधिकृत कर्मचारी ही सर्वे करेंगे
- कोई भुगतान नहीं लिया जाएगा
- क्यूआर कोड स्कैन की जरूरत नहीं
इन निर्देशों का पालन जरूरी है।
लोगों में बढ़ी जागरूकता
अलर्ट जारी होने के बाद लोगों में जागरूकता बढ़ी है। कई लोगों ने फर्जी कॉल और मैसेज की शिकायत भी की है।
लोगों की प्रतिक्रिया:
- सतर्कता बढ़ी
- फर्जी कॉल की शिकायत
- जागरूकता अभियान
इससे साइबर ठगी पर रोक लग सकती है।
निष्कर्ष
जनगणना के दौरान फर्जीवाड़े से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन न करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की अपील की गई है।
जनगणना प्रक्रिया अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही पूरी की जाएगी। ऐसे में लोगों को सावधान रहकर ही जानकारी साझा करनी चाहिए।