सशक्त अभिनय ने दर्शकों को बांधे रखा, जनप्रतिनिधियों और दर्शकों ने की विद्यार्थियों की भूरी-भूरी प्रशंसा
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जिला स्थित घनश्याम सिंह गुप्त शासकीय महाविद्यालय में ‘नमो सेवा अनकही कहानियाँ’ संगीतमय नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन एवं सेवाकाल को नाटक के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों के सशक्त अभिनय, संवाद और संगीतमय प्रस्तुति ने दर्शकों को कार्यक्रम से अंत तक एक सूत्र में बांधे रखा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री यशवंत जैन ने ‘भारत माता की जयकारा’ के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए परिसर से जुड़े अपने 30 वर्षों के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने अपने पुराने शिक्षकों, प्राचार्यों और साथियों को भी स्मरण किया।
सेवा को जीवन का संस्कार बनाने का दिया संदेश
श्री जैन ने सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा और संस्कार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना, बुजुर्गों का सम्मान करना और सार्वजनिक परिसरों की देखभाल करना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है। उन्होंने युवाओं से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
नाट्य प्रस्तुति में विद्यार्थियों का प्रभावी अभिनय
‘नमो सेवा अनकही कहानियाँ’ संगीतमय नाट्य प्रस्तुति में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। कलाकारों के संवाद, अभिनय, संगीत और प्रस्तुति ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
युवाओं से सकारात्मक बदलाव में भागीदारी का किया आह्वान
मुख्य अतिथि श्री जैन ने कहा कि देश और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए संकल्पित और जागरूक युवाओं की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता, सेवा और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
दुष्यंत कुमार की पंक्तियों से दिया प्रेरक संदेश
श्री जैन ने अपने संबोधन के अंत में कवि दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों “हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए” के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर समाजहित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में पूर्व सदस्य राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग श्री यशवंत जैन, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती सरस्वती टेमरिया, श्री पवन साहू, श्री राकेश यादव (छोटू), अन्य जनप्रतिनिधि प्राचार्य श्री जेके खलखो, शिक्षकगण सहित छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, महाविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं दर्शकों ने संगीतमय नाट्य प्रस्तुति की सराहना की। सभी ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों की अभिनय कला, संवाद प्रस्तुति और मंचीय प्रतिभा की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से युवाओं में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। क्रमांक/747/चंद्रवंशी
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन









