छात्रों को दिया प्रेरक संदेश, ज्ञान और नेतृत्व पर जोर
एस. जयशंकर रायपुर पहुंचे और IIM रायपुर के वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को प्रेरक संदेश दिया और ज्ञान, नेतृत्व तथा वैश्विक सोच के महत्व पर जोर दिया।
विदेश मंत्री के आगमन से परिसर में उत्साह का माहौल था। छात्रों, फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने इसे विशेष सम्मान की घड़ी बताया।
ज्ञान और नेतृत्व पर मुख्य भाषण
एस. जयशंकर ने अपने भाषण में कहा कि आज के युग में ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व कौशल और वैश्विक दृष्टिकोण बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने करियर में न केवल पेशेवर सफलता बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाएं।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता और नवाचार की शक्ति है, जिसे सही दिशा में channelize करने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे चुनौतियों से डरें नहीं और अपने कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएं।
छात्रों से हुई संवाद सत्र
समारोह के दौरान छात्रों और एस. जयशंकर के बीच संवाद का सत्र भी आयोजित किया गया। छात्रों ने विदेश नीति, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर सवाल पूछे।
विदेश मंत्री ने छात्रों के सवालों का विस्तार से उत्तर दिया और वैश्विक अवसरों और चुनौतियों पर अपनी दृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बदलते वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका बढ़ा रहा है, और युवा वर्ग इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
IIM रायपुर के दीक्षांत समारोह की विशेषताएं
इस वर्ष IIM रायपुर के दीक्षांत समारोह में लगभग 300 स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
फैकल्टी ने छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इसके साथ ही छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट और रिसर्च कार्यों की जानकारी भी साझा की, जिसे मुख्य अतिथि और उपस्थित लोग काफी सराहनीय मानते हैं।
प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों का स्वागत
विदेश मंत्री के आगमन पर रायपुर प्रशासन और IIM रायपुर के निदेशक ने उन्हें स्वागत किया। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों और संस्थान दोनों के लिए गर्व का क्षण है।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे और उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
छात्रों को मिला प्रेरक अनुभव
समारोह में उपस्थित छात्रों ने कहा कि विदेश मंत्री के साथ संवाद और उनके अनुभव सुनना उनके लिए प्रेरक रहा। उन्होंने बताया कि ऐसे सत्र से उनकी सोच और करियर दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आएगा।
छात्रों ने विशेष रूप से वैश्विक परिप्रेक्ष्य और नेतृत्व कौशल पर उनके सुझावों की सराहना की।
भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका पर प्रकाश
एस. जयशंकर ने अपने भाषण में भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका, आर्थिक विकास और वैश्विक चुनौतियों में सक्रिय भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका समझने और उसमें योगदान देने के लिए नेतृत्व और रणनीतिक सोच जरूरी है।
विदेश मंत्री ने कहा कि युवा वर्ग देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में सबसे बड़ी शक्ति है और उन्हें इसे समझते हुए निर्णय लेने की जरूरत है।
समारोह का समापन
समारोह का समापन सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। विदेश मंत्री ने छात्रों को बधाई दी और उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
IIM रायपुर ने इस अवसर को संस्थान की प्रतिष्ठा और छात्रों के लिए प्रेरक अनुभव के रूप में महत्वपूर्ण बताया।
रायपुर और IIM रायपुर के लिए गर्व का पल
विदेश मंत्री एस. जयशंकर का IIM रायपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनना संस्थान और रायपुर शहर दोनों के लिए गर्व का क्षण है। इस कार्यक्रम ने छात्रों को न केवल ज्ञान और नेतृत्व के महत्व को समझाया, बल्कि उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित भी किया।