अहमदाबाद में AITA की AGM में भारतीय टेनिस के भविष्य पर मंथन, CSTA अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव, गुरूचरण सिंह होरा ने AITA महासचिव पद के लिए पेश की दावेदारी अहमदाबाद। पढ़िए पूरी खबर।

छत्तीसगढ़ स्टेट टेनिस एसोसिएशन (CSTA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी ने इस बैठक में भारतीय टेनिस के भविष्य को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि हमें वैश्विक मंचों और ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में भारत की पदक तालिका में टेनिस का योगदान बढ़ाना है, तो खिलाड़ियों की प्रशिक्षण व्यवस्था और तैयारियों के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालना होगा। द्विवेदी ने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों को कम उम्र से ही बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने की आवश्यकता है, जिससे वे भविष्य में देश का गौरव बढ़ा सकें।

द्विवेदी के सुझावों में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, बेहतर कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें सही मार्गदर्शन देना ही भारतीय टेनिस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एकमात्र मार्ग है। एजीएम में उपस्थित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने इन सुझावों की सराहना की और राष्ट्रीय स्तर पर एक साझा रणनीति बनाने पर चर्चा की। बैठक में यह निष्कर्ष निकाला गया कि राज्यों और राष्ट्रीय संघ के बीच बेहतर समन्वय से ही खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
इस वार्षिक आमसभा के दौरान आगामी एआईटीए चुनावों को लेकर भी सरगर्मियां तेज रहीं। 27 नवंबर 2026 को मुंबई में होने वाले चुनावों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट टेनिस एसोसिएशन के वर्तमान सचिव गुरूचरण सिंह होरा ने महासचिव (Secretary General) पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं, अध्यक्ष पद की दौड़ में रोहित राजपाल, चिंतन पारिख और दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। इन चुनावों को भारतीय टेनिस के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में खेल की दिशा तय करेंगे।

अपनी दावेदारी पेश करते हुए गुरूचरण सिंह होरा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता भारतीय टेनिस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी राज्य संघों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं और प्रतिस्पर्धी माहौल को अनिवार्य बताते हुए कहा कि यदि संगठनात्मक स्तर पर ठोस और पारदर्शी प्रयास किए जाएं, तो भारतीय खिलाड़ी विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं। होरा ने छत्तीसगढ़ में टेनिस के विस्तार के लिए हिमांशु द्विवेदी के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि उनके विजन से राज्य में खिलाड़ियों को नए अवसर मिल रहे हैं।

अहमदाबाद में संपन्न हुई यह बैठक न केवल संगठनात्मक चुनावों के लिहाज से बल्कि भारतीय टेनिस के आगामी रोडमैप के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐसा तंत्र विकसित किया जाएगा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रदर्शन को और बेहतर बना सके। आगामी महीनों में इन सुझावों और चुनावी चर्चाओं का असर भारतीय टेनिस के परिदृश्य पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने की उम्मीद है।









