छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम लेडिस विंग द्वारा देवेंद्र नगर गुरुद्वारा में प्रसिद्ध रागी भाई जगजीत सिंह बबीहा ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को किया निहाल, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह सपरिवार हुए शामिल रायपुर। पढ़िए पूरी खबर।

इस धार्मिक आयोजन में ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा सपरिवार शामिल हुए और कीर्तन का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, और अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया, देवेंद्र नगर गुरुद्वारा के अध्यक्ष दिलेर सिंह होरा, बेबीलोन ग्रुप के चेयरमैन जगजीत सिंह खनूजा, समाजसेवी प्रीतपाल सिंह होरा और सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समाज के इन वरिष्ठ जनों ने कीर्तन का श्रवण किया और गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए इस आयोजन की सराहना की।

सिक्ख फोरम लेडिस विंग की सक्रिय भागीदारी इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। आयोजन को सफल बनाने में परमजीत कौर जुनेजा, सिम्पी गुरुदत्ता, कंची खुराना, नीना होरा, लवली चावला, छम्मो भाटिया और रंजीत कौर गुरुदत्ता सहित अनेक महिलाओं ने सेवा और व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कीर्तन समागम के समापन के पश्चात गुरु का अटूट लंगर भी आयोजित किया गया, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोगों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। लंगर सेवा में युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सिख धर्म के सेवा भाव का जीवंत परिचय दिया।

देवेंद्र नगर गुरुद्वारा में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम से पूर्व रागी भाई जगजीत सिंह बबीहा रायपुर के नमस्ते चौक भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा और चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा की उपस्थिति में संचालित हो रहे 'दवाई के लंगर' का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस अनूठी स्वास्थ्य सेवा पहल को देखकर उन्होंने इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। भाई जगजीत सिंह बबीहा ने इस अवसर पर कहा कि बीमारों और जरूरतमंदों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और यह कार्य सिख धर्म के मूल सिद्धांतों को चरितार्थ करता है। उन्होंने इस सेवा कार्य के लिए आयोजकों को बधाई दी।

समूचा आयोजन सिख समाज की एकता और अटूट सेवा भावना का प्रतीक बना। रागी जत्थे द्वारा प्रस्तुत कीर्तन की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से भर दिया। उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सफलता के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम लेडिस विंग के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम के अंत में गुरुद्वारा प्रबंधन और फोरम के सदस्यों द्वारा रागी जत्थे का सम्मान भी किया गया। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल धार्मिक संस्कारों का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सेवा की भावना भी निरंतर सुदृढ़ होती है।









