स्मार्ट सिटी के हर प्रोजेक्ट की बनेगी एसओपी, संचालन से कमाई तक का खाका होगा तैयार* प्रोजेक्ट्स की दीर्घकालिक उपयोगिता तय होगी, बेहतर इस्तेमाल और राजस्व सृजन पर फोकस* प्रमुख सचिव श्री बोरा ने पीपीपी मॉडल की संभावनाएं तलाशने के दिए निर्देश* स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में मंथन, प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर भी जोर* रायपुर. 24 सितम्बर 2026. बिलासपुर में स्मार्ट सिटी के तहत तैयार परियोजनाओं के संचालन और पढ़िए पूरी खबर।
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। मंत्रालय से वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनके स्थायित्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए विस्तृत एसओपी तैयार की जाए, जो निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप हो। श्री बोरा ने कहा कि नागरिकों के लिए इन परियोजनाओं की उपयोगिता बढ़ाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इनसे उचित राजस्व प्राप्त हो सके, ताकि भविष्य में इनके रखरखाव में कोई वित्तीय बाधा न आए।

बैठक में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निजी भागीदारी के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, वहां पीपीपी मॉडल को अपनाने पर विचार किया जाए। इससे न केवल परियोजनाओं का प्रबंधन पेशेवर तरीके से हो सकेगा, बल्कि सरकारी संसाधनों पर भी बोझ कम होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत तैयार की गई नगरीय अधोसंरचना का अधिकतम लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए नवाचार और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों का उपयोग किया जाना समय की मांग है।
परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। श्री बोरा ने निर्देश दिए कि ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए और विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण और कार्य अनुभव प्रदान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। क्षमता विकास के माध्यम से परियोजनाओं के संचालन में आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान अधिक कुशलता से किया जा सकेगा, जिससे स्मार्ट सिटी मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति होगी।

बैठक के दौरान बिलासपुर में एजुकेशन हब के भीतर अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी गहन मंथन हुआ। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (बीएससीएल) की उपलब्ध निधि से इस प्रस्तावित कार्य को संस्थागत स्थायित्व देने और इसके बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, शहर में जलापूर्ति और जल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सभी विकास कार्य समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि नागरिकों को स्मार्ट सिटी की सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
इस उच्च स्तरीय बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के साथ संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल उपस्थित थे। वर्चुअल माध्यम से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री भीम सिंह कंवर, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल, और भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री सुजीत कुमार भी जुड़े। इसके अलावा बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह, और बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री प्रकाश कुमार सर्वे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मंथन का हिस्सा रहे।









