पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने ईंधन की कीमतों में भारी इजाफा करते हुए पेट्रोल को 137 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 458 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल की कीमत में 184 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जिससे डीजल 520 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
यह बढ़ोतरी देश के इतिहास की सबसे बड़ी ईंधन मूल्य वृद्धि में से एक मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि वैश्विक तेल बाजार में उछाल और ईरान से जुड़े तनावपूर्ण हालात का सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है। बढ़ती कीमतों ने पहले से आर्थिक संकट झेल रहे देश में आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सरकार ने आधिकारिक तौर पर किया ऐलान
पाकिस्तान सरकार ने देर रात ईंधन कीमतों में वृद्धि का ऐलान किया। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गईं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आने के कारण यह निर्णय लेना पड़ा। साथ ही पाकिस्तानी रुपये की कमजोरी ने भी आयातित ईंधन को महंगा बना दिया है।
इस्लामाबाद में अधिकारियों ने बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की लागत तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते सब्सिडी देना मुश्किल हो गया था। इसलिए कीमतों में सीधी बढ़ोतरी करनी पड़ी।
ईरान तनाव का सीधा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
पाकिस्तान अपनी जरूरत का अधिकांश पेट्रोलियम आयात करता है। ऐसे में वैश्विक कीमतों में वृद्धि का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर क्षेत्रीय तनाव जारी रहता है तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे पाकिस्तान में महंगाई दर और अधिक बढ़ने की आशंका है।
आम जनता पर भारी असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस भारी वृद्धि का सीधा असर आम जनता पर पड़ने वाला है। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
व्यापारियों का कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। इससे बाजार में महंगाई और तेज हो सकती है। पहले से ही महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान के नागरिकों के लिए यह बढ़ोतरी नई चुनौती बन गई है।
सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार के इस फैसले को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
आर्थिक संकट के बीच बड़ा झटका
पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी, बढ़ता कर्ज और महंगाई दर ने देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रखा है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से महंगाई दर में और वृद्धि हो सकती है। इससे सरकार के लिए आर्थिक स्थिति संभालना और मुश्किल हो सकता है।
परिवहन और उद्योग पर भी असर
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन और उद्योग क्षेत्र पर भी पड़ेगा। बस, ट्रक और अन्य वाहनों के किराए बढ़ने की संभावना है। साथ ही उद्योगों की उत्पादन लागत भी बढ़ सकती है।
उद्योग संगठनों ने चिंता जताई है कि ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो जाएगा। इससे निर्यात पर भी असर पड़ सकता है और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी हो सकती है।
आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में और वृद्धि संभव है। सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर आगे की समीक्षा की जाएगी। फिलहाल कीमतों में यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
इस बीच, पाकिस्तान में पेट्रोल 458 रुपये प्रति लीटर और डीजल 520 रुपये प्रति लीटर पहुंचने से देश में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है। आम जनता के लिए यह फैसला आने वाले दिनों में बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।