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बढ़ती कीमतों से बढ़ी चिंता, खाद्य वस्तुओं और ईंधन ने बढ़ाया दबाव देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
मार्च महीने में थोक महंगाई दर 38 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.88% हो गई, जो पिछले तीन साल से अधिक समय का सबसे ऊंचा स्तर है।
महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामान, खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि थोक महंगाई में बढ़ोतरी का असर आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई पर भी पड़ सकता है।