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रायपुर, 24 मई 2026: छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 (Khelo India Tribal Games 2026) की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
3,800 से अधिक खिलाड़ी देश के विभिन्न राज्यों से जुटेंगे और 106 स्वर्ण पदकों के लिए मुक़ाबला करेंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए "ऐतिहासिक उपलब्धि" है और जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगा।
खेलो इंडिया जनजातीय खेल — मुख्य बिंदु आयोजन: खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 मेज़बान: छत्तीसगढ़ कुल खिलाड़ी: 3,800 से अधिक कुल स्वर्ण पदक: 106 आयोजन स्थल: रायपुर समेत विभिन्न ज़िले उद्देश्य: जनजातीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: "यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है" "जनजातीय बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा" "राज्य के दूरदराज़ इलाक़ों से छुपी प्रतिभाएँ सामने आएँगी" "खेल बुनियादी ढाँचे का विकास होगा जो आने वाले वर्षों में भी काम आएगा" "छत्तीसगढ़ ने पारंपरिक खेलों और आधुनिक खेलों दोनों में योगदान दिया है" प्रमुख खेल जो शामिल होंगे आयोजन में पारंपरिक जनजातीय खेलों के साथ-साथ आधुनिक प्रतियोगी खेल भी शामिल किए गए हैं: पारंपरिक जनजातीय खेल तीरंदाज़ी — जनजातीय समुदायों का पारंपरिक खेल कबड्डी — गाँव-गाँव में लोकप्रिय खो-खो — दौड़ और रणनीति का खेल मलखंभ — भारत का पारंपरिक खेल आधुनिक खेल एथलेटिक्स (दौड़, फेंक, कूद) हॉकी फ़ुटबॉल बास्केटबॉल वॉलीबॉल बैडमिंटन तैराकी छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपरा छत्तीसगढ़ की लगभग 31% आबादी अनुसूचित जनजाति की है।
राज्य की प्रमुख जनजातियाँ — गोंड, बैगा, हल्बा, मुरिया, माड़िया, धुरवा — सभी की अपनी पारंपरिक खेल विधाएँ हैं। इस आयोजन के माध्यम से इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।