जनरल धीरज सेठ ने आज भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला, जो देश की सुरक्षा और सैन्य रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।
उनका यह पदभार ग्रहण करना ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्रीय और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में कई चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं।
जनरल सेठ का लंबा और प्रतिष्ठित करियर उन्हें इस सर्वोच्च पद के लिए एक स्वाभाविक पसंद बनाता है, और उनके अनुभव से भारतीय सेना को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।Photo: the Amritdev / Pexelsजनरल सेठ के सैन्य करियर की शुरुआत आर्मर्ड कोर से हुई थी, जो भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शाखाओं में से एक है।
आर्मर्ड कोर में उनकी गहरी समझ और अनुभव उन्हें आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति के लिए तैयार करता है, जहां गतिशीलता, मारक क्षमता और प्रौद्योगिकी का एकीकरण महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विभिन्न कमांड और स्टाफ पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं, जिससे उन्हें सेना के हर पहलू की व्यापक जानकारी मिली है।'सुदर्शन चक्र' कोर की कमान और रणनीतिक अनुभवउनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 'सुदर्शन चक्र' कोर की कमान संभालना था।