📖 VG Khabar
इंट्रो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दूध, किराना, दवाइयों और अन्य जरूरी सामानों के दाम बढ़ सकते हैं।
इसके साथ ही कॉमर्शियल एलपीजी की कमी के कारण हजारों प्लास्टिक यूनिट बंद होने की खबर भी सामने आई है।
इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है, जिसका सीधा असर बाजार में कीमतों पर पड़ेगा। बढ़ती महंगाई और सप्लाई में कमी से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
युद्ध का असर घरेलू बाजार तक पहुंचा वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने सप्लाई चेन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।