📖 VG Khabar
केरल भारत के दक्षिण-पश्चिमी छोर पर स्थित है और इसे प्यार से "God’s Own Country" (ईश्वर का अपना देश) कहा जाता है।
हरे-भरे चाय बागान, नारियल के पेड़ों से घिरे बैकवॉटर्स, अरब सागर के समुद्र तट, मसालों की महक भरी पहाड़ियाँ और हज़ारों साल पुरानी आयुर्वेद परंपरा — यह सब केरल को अद्वितीय बनाते हैं।
यहाँ की साक्षरता दर देश में सबसे अधिक है और मानव विकास सूचकांक भी राष्ट्रीय औसत से कहीं ऊँचा।
भूगोल और जनसांख्यिकी राजधानी: तिरुवनंतपुरम (पुराना नाम त्रिवेंद्रम) क्षेत्रफल: लगभग 38,863 वर्ग किलोमीटर जनसंख्या: लगभग 3.34 करोड़ प्रमुख भाषा: मलयालम (शास्त्रीय भाषा का दर्जा) ज़िले: 14 ज़िले स्थापना: 1 नवंबर 1956 (राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत) सीमावर्ती राज्य: कर्नाटक, तमिलनाडु; अरब सागर पश्चिम में साक्षरता दर: 94% से अधिक — देश में सर्वोच्च ऐतिहासिक महत्व केरल का इतिहास हज़ारों साल पुराना है और यह दुनिया भर के व्यापारियों का प्रिय गंतव्य रहा है: प्राचीन व्यापारिक संबंध: मसालों के व्यापार के लिए रोमन, ग्रीक, चीनी और अरब व्यापारियों से चेर वंश: संगम युग का प्रमुख तमिल साम्राज्य; मुज़िरिस बंदरगाह विश्व प्रसिद्ध 1498 — वास्को द गामा का आगमन: कोझिकोड (कालीकट) में भारत आने वाला पहला यूरोपीय पुर्तगाली, डच, ब्रिटिश काल: कोच्चि व्यापारिक केंद्र त्रावणकोर और कोचीन रियासतें: सामाजिक सुधारों के लिए प्रसिद्ध 1957: दुनिया की पहली लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई कम्युनिस्ट सरकार ई.
एम. एस.