महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक होना एक बार फिर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
यह घटना उन लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा झटका है, जो सरकारी शिक्षक बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन से तैयारी कर रहे थे।
पेपर लीक की खबर सामने आते ही पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है और छात्र संगठनों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।Photo: Rahul Sapra / Pexelsयह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
इन घटनाओं से न केवल छात्रों का मनोबल टूटता है, बल्कि उन पर आर्थिक और मानसिक बोझ भी पड़ता है, क्योंकि उन्हें अक्सर कोचिंग कक्षाओं और परीक्षा शुल्क पर भारी खर्च करना पड़ता है।सरकार की जवाबदेही पर कॉकरोच जनता पार्टी का हमलाइस ताजा घटना पर विपक्षी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।