तृणमूल कांग्रेस की मुखर नेता महुआ मोइत्रा ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए दान में कथित चोरी के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके समर्थकों पर निशाना साधा है, खासकर उन लोगों पर जिन्होंने मंदिर आंदोलन के दौरान हिंसा और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दिया था।
मोइत्रा ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि जिस पवित्र उद्देश्य के लिए कई लोगों ने संघर्ष और बलिदान किया, आज वही उद्देश्य वित्तीय अनियमितताओं के साये में घिरा हुआ दिख रहा है।Photo: cottonbro studio / Pexelsमोइत्रा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन को एक धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के रूप में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन इसके पीछे कुछ निहित स्वार्थ भी काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए धन में हेराफेरी की खबरें उन लाखों भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का दान किया था।
यह घटना उन लोगों के लिए विशेष रूप से निराशाजनक है जिन्होंने इस आंदोलन को एक पवित्र कार्य के रूप में देखा और इसके लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक भावनाओं का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किए जाने की बहस तेज हो गई है।