Chhattisgarh

“महुआ के लिए जल रहे छत्तीसगढ़ के जंगल”

📖 VG Khabar

रायपुर। छत्तीसगढ़ के घने जंगल और पहाड़ हर साल गर्मी के मौसम में दावानल (जंगल की आग) की चपेट में आ जाते हैं। इस बार भी कई इलाकों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

विशेषज्ञों और वन विभाग के अनुसार, इन आग की बड़ी वजह महुआ फूल बटोरने के लिए जानबूझकर लगाई जाने वाली आग है। इससे जंगलों की हरियाली और वन्यजीवन को गंभीर नुकसान हो रहा है।

महुआ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण वन उपज है। इसके फूलों से कई प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाते हैं और यह ग्रामीणों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है।

हालांकि महुआ के फूल आसानी से इकट्ठा करने के लिए कई जगहों पर जंगल में आग लगा दी जाती है, जिससे हर साल हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होता है।

महुआ संग्रह के लिए लगाई जाती है आग ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ के पेड़ों के नीचे गिरे फूलों को साफ जमीन से आसानी से इकट्ठा करने के लिए लोग अक्सर सूखी पत्तियों और झाड़ियों को जला देते हैं।

“महुआ के लिए जल रहे छत्तीसगढ़ के जंगल”

पूरी खबर पढ़ें →
पूरी खबर पढ़ें