मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के लगभग 2 लाख कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
यह कदम राज्य के उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद आया है, जिसने पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को समाप्त कर दिया है।
इस निर्णय से अब पदोन्नति की राह साफ हो गई है, और सरकार ने सभी विभागों से 2029 तक की अनुमानित वरिष्ठता सूची तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।Photo: Sourabh Jatav / Pexelsयह पहल उन हजारों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जो पिछले कई वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।
पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित कानूनी विवादों के कारण राज्य में पदोन्नति प्रक्रिया लगभग एक दशक से ठप पड़ी थी।
इस गतिरोध ने कर्मचारियों के मनोबल और करियर की प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव डाला था।उच्च न्यायालय का हालिया फैसला, जिसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, ने पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर एक स्पष्ट दिशा प्रदान की है।