छत्तीसगढ़ में नकटी गांव के प्रस्तावित विस्थापन को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है।
उपाध्याय ने सरकार पर विस्थापित होने वाले ग्रामीणों के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल और उचित पुनर्वास की मांग की है।
यह मामला राज्य में विकास परियोजनाओं और स्थानीय आबादी के अधिकारों के बीच संतुलन साधने की चुनौती को एक बार फिर उजागर करता है।Photo: Ahmed akacha / Pexelsविकास उपाध्याय ने अपने बयान में कहा कि नकटी गांव के लोगों को बिना किसी ठोस योजना और समयबद्ध पुनर्वास पैकेज के विस्थापित करना सरासर अन्याय है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक भूमि, आवास और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए जाएं, उसके बाद ही विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।