पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारत के साथ एकीकरण की मांग को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है।
हालिया प्रदर्शनों में 'भारत से मिल जाओ' और 'हमें भारत जाना है' जैसे नारे गूंजते हुए देखे गए, जो इस क्षेत्र में पाकिस्तान के शासन के प्रति गहरे असंतोष को उजागर करते हैं।
यह स्थिति पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिनकी सरकार पहले से ही कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से जूझ रही है।Photo: Shakeb Tawheed / Pexelsइन विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता और व्यापकता अभूतपूर्व है।
प्रदर्शनकारी न केवल मूलभूत सुविधाओं की कमी और आर्थिक बदहाली से जूझ रहे हैं, बल्कि वे पाकिस्तान के दमनकारी शासन और मानवाधिकारों के उल्लंघन से भी त्रस्त हैं।
वे अब खुलकर भारत के साथ अपने भविष्य को जोड़ने की बात कर रहे हैं, जो दशकों से पाकिस्तान के कब्जे वाले इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव का संकेत है।जम्मू-कश्मीर से मदद की अपीलविरोध प्रदर्शनों के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर जम्मू-कश्मीर के लोगों से मदद की अपील की है।