पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह को समाप्त करने के उद्देश्य से पार्टी आलाकमान ने आखिरकार हस्तक्षेप किया है।
राज्य इकाई में गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेद लगातार बढ़ते जा रहे थे, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की संभावनाओं को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
इसी पृष्ठभूमि में, केंद्रीय नेतृत्व ने स्थिति को नियंत्रण में लेने और सभी गुटों को एक मंच पर लाने का बीड़ा उठाया है।Photo: Ramaz Bluashvili / Pexelsसूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है।
यह बैठक दिल्ली में हुई, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चन्नी खेमे की चिंताओं और मांगों को धैर्यपूर्वक सुना।
चन्नी के समर्थक लंबे समय से महसूस कर रहे थे कि उन्हें पार्टी के भीतर उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है, खासकर राज्य नेतृत्व में बदलाव के बाद।चन्नी के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से उनके समर्थकों में एक तरह की निराशा और असंतोष व्याप्त था।