सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए दान में कथित घोटाले से संबंधित एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही दान और उसके प्रबंधन को लेकर विभिन्न हलकों से सवाल उठ रहे हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि मंदिर निर्माण के लिए दान के रूप में जुटाई गई धनराशि में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और दुरुपयोग हुआ है, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।Photo: Mark Stebnicki / Pexelsयाचिकाकर्ताओं ने अपनी अपील में दावा किया था कि इस मामले की संवेदनशीलता और इसमें शामिल सार्वजनिक हित को देखते हुए इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और पारदर्शिता के सिद्धांतों से भी जुड़ा है।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई करने का निर्देश दिया, जिसका अर्थ है कि मामले को सूचीबद्ध होने में कुछ समय लग सकता है।मामले की पृष्ठभूमि और आरोपराम मंदिर निर्माण के लिए देश भर से करोड़ों रुपये का दान एकत्र किया गया था।