अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी चोरी के मामले में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने राम मंदिर ट्रस्ट को चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों को बदलने की सलाह पहले ही दे दी थी, लेकिन ट्रस्ट ने इस सलाह को नजरअंदाज कर दिया।
यह जानकारी अब सामने आई है जब चढ़ावे की चोरी के आरोप गंभीर रूप ले चुके हैं और जांच का दायरा बढ़ रहा है।Photo: Vijay Krishnawat / Pexelsसूत्रों के अनुसार, एसबीआई ने अपनी आंतरिक ऑडिट और सुरक्षा समीक्षा के दौरान कुछ विसंगतियों और संभावित जोखिमों की पहचान की थी।
बैंक ने ट्रस्ट को औपचारिक रूप से सूचित किया था कि चढ़ावा संग्रह और गिनती से जुड़े कुछ कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर बदला जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत की संभावना को कम किया जा सके।
यह एक सामान्य सुरक्षा प्रोटोकॉल है जिसे वित्तीय संस्थानों द्वारा अक्सर सुझाया जाता है।हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट ने कथित तौर पर इस महत्वपूर्ण सलाह पर ध्यान नहीं दिया।