जसगीत गूंजे, मां काली का दरबार सजा,गरियाबंद में भक्ति की ऐसी रात, गांधी मैदान पड़ा छोटा,मां के अद्भुत रूप और पटपर झांकी ने बांधा ऐसा समां,हजारों की भीड़ ने कहा—ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गरियाबंद।
पढ़िए पूरी खबर। मंच पर जैसे ही पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के साथ जसगीतों की गूंज शुरू हुई, वहां मौजूद हर व्यक्ति मां की भक्ति में लीन हो गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मां काली का अद्भुत और रौद्र रूप रहा, जिसकी झांकी ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए।
इसके साथ ही मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और भारतीय पौराणिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियों ने समां बांध दिया।
कलाकारों ने अपनी वेशभूषा और जीवंत अभिनय से ऐसा वातावरण निर्मित किया कि श्रद्धालुओं को साक्षात देवी-देवताओं की उपस्थिति का अनुभव होने लगा।