Chhattisgarh

विशेष लेख : सेवा की कहानी : तीर-धनुष से टेक्नोलॉजी तक किसन की उड़ान

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दंतेवाड़ा के जंगलों में बसे गांव का पहला ग्रेजुएट, आज नवा रायपुर में आईटी सेक्टर में बना रहा अपनी पहचान पोलियो, सुविधाओं के अभाव और कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ शिक्षा के सहारे गढ़ी नई राह किसने सोचा था कि जंगलों से घिरे एक छोटे से गांव में मवेशी चराने और तीर-धनुष चलाने वाला एक बच्चा एक दिन कंप्यूटर की दुनिया में अपना भविष्य बनाएगा।

किसने सोचा था कि जिस गांव से कॉलेज तक पहुंचना ही किसी युवा के लिए बड़ी उपलब्धि हो, उसी गांव का एक लड़का आज आईटी सेक्टर में काम करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में योगदान देने का सपना देखेगा।

यह कहानी है दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तेलम के 23 वर्षीय किसन मंडावी की। दंतेवाड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर कटेकल्याण तहसील का ग्राम तेलम जंगलों से घिरा हुआ है।

गांव तक पहुंचने के लिए डंकिनी नदी को पार करना पड़ता है। करीब 200 से 300 घरों और लगभग एक हजार की आबादी वाले इस गांव में किसन आज उम्मीद की नई किरण हैं।

वे गांव के पहले ऐसे युवा हैं, जिन्होंने कॉलेज तक पहुंचकर स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

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