SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान — हर महीने तय राशि म्यूचुअल फंड में लगाने का तरीका। छोटी रकम से शुरुआत और लंबी अवधि का अनुशासन ही इसकी ताकत है।
SIP क्यों
- बाज़ार के उतार-चढ़ाव का औसत मिलता है (रुपी कॉस्ट एवरेजिंग)
- चक्रवृद्धि — जितना लंबा समय, उतना असर
- न्यूनतम राशि से भी शुरुआत संभव
शुरू करने के चरण
- PAN और बैंक खाते से किसी सेबी-पंजीकृत प्लेटफॉर्म/AMC पर KYC पूरी करें
- लक्ष्य तय करें — 5+ साल के लक्ष्य के लिए इक्विटी फंड, छोटे लक्ष्य के लिए डेट/हाइब्रिड
- शुरुआती निवेशकों के लिए इंडेक्स फंड सरल विकल्प माने जाते हैं — कम लागत, बाज़ार जितना रिटर्न
- ऑटो-डेबिट तारीख वेतन के तुरंत बाद रखें
किन गलतियों से बचें
- गिरावट में SIP रोकना — औसत का फायदा वहीं मिलता है
- "गारंटीड रिटर्न" बताने वालों से दूर रहें — म्यूचुअल फंड बाज़ार जोखिम के अधीन हैं
- बिना समझे कई फंड जमा करना
यह लेख सामान्य जानकारी है, निवेश सलाह नहीं — निर्णय से पहले सेबी-पंजीकृत सलाहकार से परामर्श करें।