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उधारी बढ़ी, पर्सनल लोन का रिकॉर्ड टूटा

भारत में पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा; लाइफस्टाइल खर्च के लिए उधारी बढ़ी।

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Author: Simran Published: 15 Apr 2026, 6:35 PM Updated: 18 Apr 2026, 6:21 PM Views: 22
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बढ़ती खपत और आसान कर्ज ने बदली वित्तीय आदतें, युवाओं में उधार आधारित खर्च का ट्रेंड तेज

देश में तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती उपभोक्ता मांग के बीच भारतीय अब अधिक उधार लेने लगे हैं। हालिया वित्तीय आंकड़ों के अनुसार पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अब जरूरतों के साथ-साथ लाइफस्टाइल और एसेट्स खरीदने के लिए भी कर्ज का सहारा ले रहे हैं।

वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार यह बदलाव शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे शहरों और कस्बों में भी तेजी से देखा जा रहा है। डिजिटल बैंकिंग, आसान लोन प्रक्रिया और आकर्षक ऑफर के कारण लोगों का झुकाव उधार आधारित खर्च की ओर बढ़ रहा है। 💳

पर्सनल लोन में तेज उछाल

हालिया आंकड़ों के अनुसार पर्सनल लोन की मांग में तेजी आई है। Reserve Bank of India के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में पर्सनल लोन की वृद्धि दर अन्य लोन श्रेणियों की तुलना में ज्यादा रही है।

पर्सनल लोन लेने के प्रमुख कारण:

  • शादी और समारोह
  • यात्रा और छुट्टियां
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीद
  • घर की साज-सज्जा
  • मेडिकल खर्च

इन खर्चों के लिए लोग अब अपनी बचत की बजाय लोन लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

क्रेडिट कार्ड का बढ़ता इस्तेमाल

पर्सनल लोन के साथ-साथ क्रेडिट कार्ड का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के कारण क्रेडिट कार्ड अब दैनिक खर्च का हिस्सा बन गए हैं।

क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग के कारण:

  • आसान भुगतान सुविधा
  • ईएमआई विकल्प
  • कैशबैक और रिवॉर्ड
  • ऑनलाइन खरीदारी

विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग ने उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा दिया है।

लाइफस्टाइल खर्च बढ़ा

पहले लोग मुख्य रूप से घर और शिक्षा जैसे बड़े खर्चों के लिए कर्ज लेते थे, लेकिन अब लाइफस्टाइल खर्च के लिए भी लोन लिया जा रहा है।

बढ़ते लाइफस्टाइल खर्च:

  • महंगे स्मार्टफोन
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट
  • विदेश यात्रा
  • लग्जरी उत्पाद

इस ट्रेंड ने पर्सनल लोन की मांग को बढ़ा दिया है। 📱

छोटे शहरों में भी बढ़ा ट्रेंड

यह ट्रेंड केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों में भी लोग तेजी से पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कारण:

  • डिजिटल बैंकिंग
  • फिनटेक कंपनियों की पहुंच
  • आसान लोन प्रक्रिया
  • बढ़ती आय

इन कारणों से उधार लेने का चलन तेजी से बढ़ा है।

एसेट्स खरीदने के लिए भी कर्ज

लोग अब वाहन, फर्नीचर और अन्य एसेट्स खरीदने के लिए भी पर्सनल लोन ले रहे हैं।

प्रमुख एसेट्स:

  • दोपहिया वाहन
  • घरेलू उपकरण
  • फर्नीचर
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान

इससे उपभोक्ता बाजार को भी बढ़ावा मिला है।

जोखिम भी बढ़ा

विशेषज्ञों का कहना है कि उधारी आधारित खर्च में वृद्धि के साथ जोखिम भी बढ़ रहा है। यदि आय में गिरावट आती है तो कर्ज चुकाने में मुश्किल हो सकती है।

संभावित जोखिम:

  • बढ़ता कर्ज बोझ
  • डिफॉल्ट का खतरा
  • वित्तीय अस्थिरता

इसलिए वित्तीय योजना बनाकर कर्ज लेने की सलाह दी जा रही है।

बैंक और फिनटेक कंपनियों की भूमिका

बैंक और फिनटेक कंपनियां तेजी से पर्सनल लोन दे रही हैं।

सुविधाएं:

  • डिजिटल आवेदन
  • तुरंत मंजूरी
  • कम दस्तावेज
  • आसान ईएमआई

इन सुविधाओं ने लोन लेना आसान बना दिया है।

अर्थव्यवस्था पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उधारी से उपभोक्ता खर्च बढ़ता है, जिससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है।

संभावित प्रभाव:

  • मांग में वृद्धि
  • उत्पादन बढ़ेगा
  • रोजगार बढ़ेगा

हालांकि अत्यधिक उधारी अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भी पैदा कर सकती है।

युवाओं में तेजी से बढ़ा ट्रेंड

युवा वर्ग में पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ा है।

कारण:

  • डिजिटल लाइफस्टाइल
  • ऑनलाइन खरीदारी
  • आसान क्रेडिट सुविधा

इससे वित्तीय व्यवहार में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।

निष्कर्ष

भारतीयों में उधारी का चलन तेजी से बढ़ रहा है और पर्सनल लोन व क्रेडिट कार्ड के उपयोग ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लाइफस्टाइल खर्च और एसेट्स खरीदने के लिए लोग अधिक कर्ज ले रहे हैं। हालांकि इससे उपभोक्ता खर्च बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञ संतुलित वित्तीय योजना की सलाह दे रहे हैं।

आने वाले समय में यह ट्रेंड और तेज हो सकता है, जिससे भारतीयों की वित्तीय आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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