प्रदेश की करीब 2 लाख 40 हजार महिला हितग्राहियों को बड़ा झटका लगा है। संबंधित योजना के तहत लाभ लेने के लिए इन महिलाओं को फिर से ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अधिकारियों के अनुसार डाटा सत्यापन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सके।
सत्यापन प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों का डेटा सत्यापन किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में पाया गया कि कई खातों में ई-केवाईसी अपडेट नहीं है या जानकारी अधूरी है।
इस कारण करीब 2.40 लाख महिला हितग्राहियों को दोबारा ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना का लाभ जारी रखने के लिए जरूरी
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित महिलाओं को योजना का लाभ जारी रखने के लिए समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा।
यदि निर्धारित समय तक ई-केवाईसी नहीं कराई जाती है, तो लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।
कैसे कराएं ई-केवाईसी
महिला हितग्राही अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), बैंक या संबंधित कार्यालय में जाकर ई-केवाईसी करा सकती हैं। इसके लिए आधार कार्ड और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी की आवश्यकता होगी।
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों का डाटा अपडेट हो जाएगा और योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक पहुंच
सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी का उद्देश्य योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इससे फर्जी या अपात्र लाभार्थियों को हटाने में मदद मिलेगी और वास्तविक पात्र महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा।
अधिकारियों ने सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उन्हें मिलने वाली सहायता में किसी प्रकार की बाधा न आए।