छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की लौह अयस्क खदानें देश के स्टील उद्योग को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनी एनएमडीसी (NMDC) ने वर्ष 2025-26 में 53.15 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि देश के खनन और इस्पात क्षेत्र के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे घरेलू स्टील उत्पादन को स्थिर और मजबूत आपूर्ति मिल रही है।
NMDC ने बनाया उत्पादन का नया रिकॉर्ड
एनएमडीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष में 53.15 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन हासिल किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन है। बस्तर स्थित किरंदुल और बचेली खदानों ने इस उपलब्धि में अहम योगदान दिया है।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और कर्मचारियों की मेहनत की बदौलत यह रिकॉर्ड संभव हो सका। लगातार बढ़ते उत्पादन से देश के स्टील उद्योग को कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत हो रही है।
देश के स्टील सेक्टर को मिल रही मजबूती
भारत दुनिया के प्रमुख स्टील उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में लौह अयस्क का पर्याप्त उत्पादन स्टील उद्योग के लिए बेहद जरूरी है। एनएमडीसी की बस्तर खदानों से निकलने वाला लौह अयस्क देश के कई बड़े स्टील प्लांटों तक पहुंचता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन में यह वृद्धि घरेलू स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। इससे देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय रोजगार और विकास को भी बढ़ावा
बस्तर क्षेत्र में एनएमडीसी की खदानें केवल खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खनन गतिविधियों के कारण हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
इसके साथ ही कंपनी द्वारा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक सुविधाओं के विकास के लिए भी कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय समुदाय को लाभ मिल रहा है।
भविष्य में उत्पादन बढ़ाने की योजना
एनएमडीसी आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर खनन प्रबंधन के माध्यम से देश के स्टील उद्योग की मांग को लगातार पूरा किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, बस्तर की समृद्ध लौह अयस्क खदानें आने वाले समय में भारत को वैश्विक स्टील बाजार में और मजबूत स्थिति दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।