छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सुशासन तिहार की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राज्यभर में समाधान शिविर लगाए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्राप्त आवेदनों का निराकरण एक माह के भीतर किया जाए। यह अभियान 10 जून तक चलेगा।
राज्यभर में लगेंगे समाधान शिविर
सुशासन तिहार के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों, ब्लॉकों और पंचायत स्तर पर समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन सीधे अधिकारियों को दे सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों की समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही किया जाए, ताकि उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
एक माह में होगा आवेदनों का निराकरण
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिविरों के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण एक महीने के भीतर किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि हर आवेदन की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए।
प्रशासनिक अमला रहेगा सक्रिय
सुशासन तिहार को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय रहेगा। जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, नगर निगम और विभिन्न विभागों के अधिकारी शिविरों में मौजूद रहेंगे। इससे नागरिकों को एक ही स्थान पर कई विभागों से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिल सकेगा।
आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।
सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
राज्य सरकार का मानना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा। समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान होने से लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।