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RTE फीस विवाद में स्कूल बंद

RTE फीस बढ़ोतरी नहीं होने पर 5 हजार निजी स्कूल बंद; मांग पूरी होने तक असहयोग आंदोलन जारी।

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Author: Simran Published: 18 Apr 2026, 6:51 PM Updated: 27 Jun 2026, 1:55 AM Views: 74
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निजी स्कूल संचालकों का बड़ा फैसला, आरटीई भुगतान और फीस संशोधन को लेकर बढ़ा विवाद

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत फीस बढ़ोतरी नहीं होने से निजी स्कूल संचालकों ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यभर में करीब 5 हजार निजी स्कूलों ने बंद का ऐलान कर दिया है। स्कूलों में ताला लगने से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक असहयोग आंदोलन जारी रहेगा। स्कूल बंद होने से अभिभावकों और छात्रों की चिंता बढ़ गई है। 📚

5 हजार स्कूलों में ताला, पढ़ाई पर असर

निजी स्कूल संचालकों ने फीस बढ़ोतरी और बकाया भुगतान को लेकर विरोध जताते हुए स्कूल बंद कर दिए हैं। स्कूलों में ताला लगने से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

मुख्य समस्याएं:

  • स्कूल बंद होने से पढ़ाई बाधित
  • परीक्षाओं पर असर
  • अभिभावकों की बढ़ी चिंता
  • छात्रों का भविष्य प्रभावित

इस अचानक फैसले से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ा है।

फीस बढ़ोतरी की मांग पर अड़े स्कूल संचालक

निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि लंबे समय से RTE के तहत मिलने वाली फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और संचालन खर्च के कारण स्कूलों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूल संचालकों की मांग:

  • RTE फीस बढ़ोतरी
  • बकाया भुगतान
  • समय पर राशि जारी
  • नियमों में संशोधन

इन मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालक आंदोलन कर रहे हैं।

RTE के तहत मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था

शिक्षा विभाग के अनुसार RTE के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। इसके बदले सरकार स्कूलों को फीस का भुगतान करती है।

लेकिन स्कूल संचालकों का आरोप है कि:

  • भुगतान में देरी हो रही है
  • फीस दर कम है
  • खर्च बढ़ गया है

इसी वजह से विरोध तेज हो गया है।

असहयोग आंदोलन जारी रहेगा

निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन के प्रमुख बिंदु:

  • स्कूल बंद
  • प्रशासन को ज्ञापन
  • चरणबद्ध आंदोलन
  • असहयोग जारी

इससे विवाद और गहरा सकता है।

अभिभावकों की बढ़ी चिंता

स्कूल बंद होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बच्चों की पढ़ाई रुकने से भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अभिभावकों की चिंता:

  • पढ़ाई में बाधा
  • परीक्षा की तैयारी प्रभावित
  • वैकल्पिक व्यवस्था की कमी

अभिभावकों ने जल्द समाधान की मांग की है। 😟

सरकार और स्कूलों के बीच बातचीत की संभावना

सूत्रों के अनुसार, सरकार और निजी स्कूल संचालकों के बीच जल्द बैठक हो सकती है।

संभावित चर्चा के मुद्दे:

  • फीस बढ़ोतरी
  • बकाया भुगतान
  • नई नीति

इससे समाधान निकलने की उम्मीद है।

छात्रों की पढ़ाई पर बड़ा असर

स्कूल बंद होने से छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अधिक परेशानी हो रही है।

प्रभावित क्षेत्र:

  • प्राथमिक शिक्षा
  • माध्यमिक शिक्षा
  • परीक्षा तैयारी

इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

निजी स्कूल संघ का बयान

निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे मजबूरी में आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा:

  • खर्च लगातार बढ़ रहा
  • भुगतान में देरी
  • सरकार से कई बार चर्चा

इसके बावजूद समाधान नहीं मिला।

जल्द समाधान की उम्मीद

शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

संभावित समाधान:

  • फीस संशोधन
  • बकाया भुगतान
  • नई नीति

इससे स्कूल खुलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

RTE फीस बढ़ोतरी नहीं होने के कारण 5 हजार निजी स्कूलों का बंद होना शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल संचालकों ने मांग पूरी होने तक असहयोग आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

अब सरकार और निजी स्कूल संचालकों के बीच बातचीत से ही समाधान निकलने की उम्मीद है। इस बीच छात्रों और अभिभावकों की नजर अगले फैसले पर टिकी हुई है।

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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