रसोई गैस के दाम बढ़े, आम उपभोक्ताओं को झटका
नई दिल्ली। देशभर में रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी 114.5 रुपये महंगा हो गया है। नई कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू कर दी गई हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश के करोड़ों परिवारों और होटल-रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों पर पड़ेगा। बढ़ी हुई दरों के कारण अब कई शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 900 रुपये के पार पहुंच गई है।
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 913 रुपये
नई कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी। यानी एक सिलेंडर पर उपभोक्ताओं को अब 60 रुपये अधिक खर्च करना होगा।
अन्य महानगरों में भी कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर मुंबई में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 912.50 रुपये, कोलकाता में करीब 939 रुपये और चेन्नई में करीब 928.50 रुपये हो गई है। अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स और वैट के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने इसकी कीमत में 114.5 रुपये की वृद्धि की है।
नई दरों के अनुसार दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर लगभग 1,883 रुपये हो गई है। यह सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग किया जाता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से खाद्य व्यवसायों की लागत भी बढ़ सकती है।
11 महीनों में दूसरी बार बढ़े दाम
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले लगभग 11 महीनों में दूसरी बार हुई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई गैस की लागत एक बड़ी चिंता बन सकती है।
पश्चिम एशिया संकट का असर
विशेषज्ञों के अनुसार एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव है। इस क्षेत्र से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को राहत
हालांकि सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को कुछ राहत मिलती है। इस योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम कीमत पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो पाता है।
देशभर में करोड़ों परिवार इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जिससे महंगाई के असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट पर भी असर
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य व्यवसायों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
व्यापार संगठनों का कहना है कि गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से छोटे व्यवसायों के लिए संचालन लागत बढ़ रही है।
आगे कीमतों पर नजर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें स्थिर रहती हैं तो आने वाले महीनों में घरेलू एलपीजी दरों में बदलाव सीमित हो सकता है। लेकिन वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।