श में तरबूज के निर्यात पर असर पड़ने से किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। निर्यात ठप होने के कारण किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। अनुमान है कि इस स्थिति से करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और वे सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
निर्यात रुकने से बाजार पर असर
तरबूज का बड़ा हिस्सा विदेशी बाजारों में भेजा जाता है। लेकिन हाल के दिनों में निर्यात प्रभावित होने से घरेलू बाजार में इसकी आपूर्ति बढ़ गई है। अधिक आपूर्ति के कारण कीमतों में गिरावट आई है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य
किसानों का कहना है कि लागत के मुकाबले उन्हें काफी कम कीमत मिल रही है। कई स्थानों पर हालात ऐसे हैं कि किसानों को अपनी फसल बेचने में भी मुश्किल हो रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
300 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार निर्यात बंद होने के कारण तरबूज उत्पादकों को करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
सरकार से सहायता की मांग
किसानों और कृषि संगठनों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्यात को फिर से सुचारु बनाने या किसानों को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
कृषि क्षेत्र के लिए चुनौती
तरबूज की खेती कई किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में निर्यात ठप होने से कृषि क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया है और किसान भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।