बेंगलुरु, 23 मई 2026: कर्नाटक में मानसून-पूर्व बारिश ने अब तीव्र रूप ले लिया है। राज्य की राजधानी बेंगलुरु में पिछले 24 घंटों में आँधी, गरज और भारी बौछारें दर्ज की गई हैं। साथ ही तटीय कर्नाटक और मलनाड क्षेत्र के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून के 24 मई को केरल पहुँचने के बाद कर्नाटक तक भी जल्द ही आगमन हो जाएगा।
राज्य भर में मौसम की स्थिति
बेंगलुरु शहर
- तेज़ बौछारें और आँधी (40-50 किमी/घंटा)
- कुछ निचले इलाक़ों में जलभराव
- ट्रैफ़िक प्रभावित — एयरपोर्ट से जुड़े मार्गों पर देरी
- तापमान में गिरावट — 28-30°C
तटीय कर्नाटक
- दक्षिण कन्नड़ (मंगलूरु): भारी से अति-भारी बारिश की चेतावनी
- उडुपी: मूसलाधार बारिश
- उत्तर कन्नड़ (कारवार): लगातार बारिश
- तेज़ समुद्री लहरें — मछुआरों के लिए सलाह
मलनाड क्षेत्र
- शिवमोग्गा, चिक्कमगलूर: भारी बारिश
- कोडगु (कुर्ग): कॉफ़ी बागान वाले क्षेत्र में सतत बारिश; भूस्खलन निगरानी
- हसन, मांड्या: सामान्य से अधिक वर्षा
उत्तर कर्नाटक
- हुबली-धारवाड़, बेलगावी: हल्की से मध्यम बारिश
- कलबुर्गी, बीदर, यादगिर: सूखा बना हुआ, लू की स्थिति

बेंगलुरु में जलभराव की समस्या
देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु में बारिश के दौरान जलभराव एक चिरकालिक समस्या रही है। हाल की बारिश से कई इलाक़ों — विशेषकर HSR Layout, BTM Layout, Bellandur, सरजापुर रोड और बोम्मनहली में पानी भर गया। BBMP (बेंगलुरु निगम) की टीमें मौक़े पर पहुँचकर जल निकासी कर रही हैं।
तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी
- तटीय: मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह; तेज़ हवा और ऊँची लहरें
- मलनाड: भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता; पहाड़ी सड़कों पर ड्राइविंग सावधानी से
- कोडगु: कॉफ़ी बागान वालों के लिए — पौधों की देखभाल; मिट्टी का बहाव रोकने के उपाय
मानसून का अगला चरण
केरल में मानसून 24 मई को पहुँच रहा है। कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में मानसून सामान्यतः 1-5 जून के बीच पहुँचता है, और इस बार जल्दी आ सकता है। बेंगलुरु और दक्षिणी कर्नाटक में आधिकारिक मानसून आगमन 5-10 जून के बीच होने का अनुमान है। उससे पहले मानसून-पूर्व बौछारें ऐसी ही सक्रिय बनी रहेंगी।

सावधानियाँ
- घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी ज़रूर लें
- बेंगलुरु के निचले इलाक़ों में रहने वाले लोग सतर्क रहें
- बिजली कड़कते समय खुले मैदान या पेड़ों के पास न खड़े हों
- तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग समुद्र के पास न जाएँ
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना — स्थानीय अधिकारियों की सलाह मानें
- आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन (1077) नंबर हाथ में रखें
(समाचार स्रोत: IMD, deccanherald.com, india.com, sundayguardianlive.com)