तिरुवनंतपुरम, 30 मई 2026: केरल में मानसून पर बड़ा अपडेट आया है। IMD ने पहले 26 मई को मानसून आगमन का अनुमान लगाया था, लेकिन वह तारीख़ बीत गई। अब IMD के अनुसार केरल में मानसून 2 से 4 जून के बीच पहुँचेगा। देरी का मुख्य कारण — लक्षद्वीप के पास बना चक्रवाती संचरण — जिसने नमी ले जाने वाली पश्चिमी हवाओं को कमज़ोर कर दिया है। आज राज्य में भारी बारिश और गरज की संभावना है।
मुख्य बातें — आज का अपडेट
- मानसून आगमन: 2-4 जून (नया अनुमान)
- देरी का कारण: लक्षद्वीप के पास चक्रवाती संचरण
- आज मौसम: भारी बारिश और गरज
- IMD मानक: 8 जून तक नहीं आया तभी "देरी" मानी जाएगी
- स्थिति: बादल और नमी मौजूद — आगमन की प्रक्रिया जारी
राज्य के विभिन्न क्षेत्र — आज का मौसम
दक्षिण केरल
- तिरुवनंतपुरम: भारी बारिश, गरज — 24-29°C
- कोल्लम, अलाप्पुझा: मध्यम-भारी बारिश
- पठानमथिट्टा: गरज के साथ भारी बारिश
मध्य केरल
- कोच्चि (एर्नाकुलम): भारी बारिश — 25-30°C
- कोट्टायम, इडुक्की: भारी बारिश, गरज
- त्रिशूर: मध्यम-भारी बारिश
उत्तर केरल
- कोझिकोड, मलप्पुरम: मध्यम बारिश
- कन्नूर, कासरगोड: गरज के साथ बारिश
- वायनाड: भारी बारिश और कोहरा
भारतीय मानसून में नारियल पेड़ और बारिशमानसून देरी क्यों — पूरी कहानी
IMD मानसून आगमन की 4 शर्तें मानता है — लगातार पश्चिमी हवाएँ, बादल आवरण, बारिश की मात्रा, अरब सागर पर बादल। इस साल लक्षद्वीप के पास बना चक्रवाती संचरण मानसून की पश्चिमी हवाओं को कमज़ोर कर रहा है। एक बार यह संचरण कमज़ोर हुआ या उत्तर की ओर बढ़ा, मानसून आधिकारिक रूप से घोषित हो जाएगा।
केरल में मानसून — ऐतिहासिक तारीख़ें
- सामान्य आगमन: 1 जून (±5 दिन)
- 2024 आगमन: 30 मई (समय से पहले)
- 2025 आगमन: 8 जून (देरी से)
- 2026 अनुमान: 2-4 जून
- "देर" की परिभाषा: 8 जून के बाद
केरल का हरा-भरा बारिश का दृश्यमानसून की आगे की यात्रा
- केरल → कर्नाटक: 2-3 दिन
- केरल → मुंबई: 10-12 दिन (7-12 जून)
- केरल → मध्य प्रदेश: 15-20 दिन
- केरल → दिल्ली/UP: 20-25 दिन
- पूरे देश को कवर: 8 जुलाई तक (सामान्य)
IMD मानसून पूर्वानुमान 2026
IMD के अनुसार इस साल कुल मानसून सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है — एल नीनो जैसी स्थिति बनने के संकेत हैं। हालाँकि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य बारिश की उम्मीद है। केरल में बारिश सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
आम लोगों और किसानों के लिए सलाह
- मछुआरों को अरब सागर में जाने से बचने की सलाह — समुद्र अशांत
- पहाड़ी इलाक़ों (इडुक्की, वायनाड) में भूस्खलन का ख़तरा
- निचले इलाक़ों में जल भराव की तैयारी रखें
- तेज़ बारिश के दौरान वाहन धीरे चलाएँ
- किसान खरीफ़ की बुवाई की तैयारी पूरी रखें
- बिजली कड़कने के समय खुले में न रहें
- आपातकालीन: 1077 (आपदा), 112 (आपातकाल)
राज्य के अन्य घटनाक्रम
- केरल सरकार: मानसून आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ पूरी
- कन्नूर हवाई अड्डा: मौसम अलर्ट के कारण कुछ उड़ानों में देरी संभव
- पर्यटन: मूनार-वायनाड में मानसून पर्यटन सीज़न शुरू
(समाचार स्रोत: IMD तिरुवनंतपुरम, businesstoday, msn.com, IMD मानसून पोर्टल)