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Kerala

केरल: मानसून की प्रगति अब अनुकूल — IMD, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ रहा सिस्टम; आधिकारिक आगमन 1-3 जून के बीच

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं। केरल में आधिकारिक आग...

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Author: Jagraj Published: 29 May 2026, 3:52 PM Updated: 29 May 2026, 4:07 PM Views: 10
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तिरुवनंतपुरम, 29 मई 2026: केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। IMD के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं। मानसून के इन क्षेत्रों के अधिक हिस्सों में फैलने की उम्मीद है। केरल में आधिकारिक आगमन अब 1 से 3 जून के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से चली देरी अब समाप्ति की ओर है।

मानसून की वर्तमान स्थिति

  • अरब सागर पर: सिस्टम मज़बूत हो रहा है
  • बंगाल की खाड़ी: नमी का प्रवाह बढ़ रहा
  • अंडमान-निकोबार: मानसून पहले से सक्रिय (16 मई से)
  • लक्षद्वीप: व्यापक बारिश सक्रिय
  • केरल: मानसून-पूर्व बारिश सक्रिय

आधिकारिक आगमन — नया अनुमान

  • केरल: 1-3 जून के बीच
  • तमिलनाडु: 3-7 जून के बीच
  • कर्नाटक (तटीय): 2-6 जून
  • आंध्र प्रदेश (दक्षिण): 5-8 जून
  • गोवा: 4-8 जून
  • महाराष्ट्र (कोंकण): 5-10 जून
उष्णकटिबंधीय बारिश और तटीय ताड़ के पेड़उष्णकटिबंधीय बारिश और तटीय ताड़ के पेड़

केरल में आज और कल का मौसम

  • तटीय और दक्षिणी ज़िले: भारी बारिश, गरज के साथ बौछारें
  • पहाड़ी क्षेत्र (इडुक्की, वायनाड): मूसलाधार बारिश; भूस्खलन का जोखिम
  • मध्य केरल: मध्यम बारिश और तेज़ हवाएँ
  • उत्तर केरल: गरज के साथ बारिश

देरी के बाद नई उम्मीद

शुरू में IMD ने 26 मई का अनुमान दिया था, फिर वह डेडलाइन चूकी। बाद में 28 मई - 3 जून का विंडो दिया गया। अब अरब सागर में सिस्टम मज़बूत होने से 1-3 जून के बीच मानसून के आधिकारिक आगमन की पुष्टि होने की संभावना बढ़ गई है। El Niño का असर अभी भी एक चिंता है, लेकिन कुल मिलाकर मानसून सामान्य रहने का अनुमान है।

मानसून के बादल और उष्णकटिबंधीय महासागरमानसून के बादल और उष्णकटिबंधीय महासागर

केरल की तैयारियाँ

  • नालों और जल निकासी की सफ़ाई पूरी
  • NDRF और SDRF टीमें राज्य भर में तैनात
  • तटीय ज़िलों में मछुआरों के लिए सख़्त सलाह — समुद्र में न जाएँ
  • पहाड़ी क्षेत्रों (इडुक्की, वायनाड) में भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी
  • स्कूल और कॉलेज प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
  • अस्पतालों में मानसून-जनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया) के लिए तैयारियाँ
  • आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1077 — 24 घंटे सक्रिय

तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी

  • तटीय: समुद्र में हलचल तेज़; मछुआरों को न जाने की सलाह
  • पहाड़ी: इडुक्की, वायनाड, कोट्टायम के पहाड़ी हिस्सों में भूस्खलन का जोखिम
  • निचले इलाक़े: कुट्टनाड़, अलप्पुझा क्षेत्र में जल भराव की संभावना

राष्ट्रीय महत्व

केरल में मानसून का आगमन पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है — कृषि, जल भंडारण, बिजली उत्पादन और GDP पर सीधा असर। 2026 का मानसून समय पर आता दिख रहा है, जो किसानों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अच्छी ख़बर है।

(समाचार स्रोत: IMD, businesstoday.in, india.com, theweek.in)

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Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

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