तिरुवनंतपुरम, 28 मई 2026: केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की कहानी में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। IMD ने आज नई समय-सीमा जारी की है — मानसून अब 28 मई से 3 जून के बीच केरल पहुँच सकता है। यह सामान्य 1 जून की तिथि के आसपास है। मानसून की प्रगति अभी भी अरब सागर पर कमज़ोर सिस्टम के कारण धीमी है।
मुख्य बिंदु — आज का अपडेट
- नई समय-सीमा: 28 मई - 3 जून
- सामान्य तिथि: 1 जून
- स्थिति: मानसून प्रगति अभी भी धीमी
- कारण: अरब सागर पर कमज़ोर सिस्टम, चक्रवाती परिसंचरण

अन्य राज्यों में अनुमानित आगमन
- तमिलनाडु: 1-6 जून के बीच
- कर्नाटक (तटीय): 1-5 जून
- मुंबई: 5-10 जून
- गोवा: 3-7 जून
- दिल्ली: लगभग 27 जून
- UP, बिहार, झारखंड: 20-30 जून
- राजस्थान: 25 जून - 5 जुलाई
केरल में वर्तमान बारिश
आधिकारिक मानसून आगमन अभी नहीं हुआ है, लेकिन केरल के तटीय और दक्षिणी ज़िलों में मानसून-पूर्व बारिश सक्रिय है:
- तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा — गरज के साथ बौछारें
- अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की — मध्यम बारिश
- एर्नाकुलम, थ्रिशूर, पलक्कड़ — हल्की से मध्यम बारिश
- मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड — गरज के साथ बारिश
लक्षद्वीप और अंडमान पहले ही सक्रिय
लक्षद्वीप द्वीप समूह और अंडमान-निकोबार में मानसून पहले से सक्रिय है। यहाँ व्यापक बारिश हो रही है।

क्यों धीमा है मानसून?
- दक्षिण-मध्य अरब सागर पर चक्रवाती परिसंचरण
- कमज़ोर क्रॉस-इक्वेटोरियल हवाएँ
- El Niño का प्रभाव
- उत्तर भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक प्रभाव
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी देरी होने के बावजूद 2026 का कुल मानसून सामान्य रहने का अनुमान है। आगमन की तिथि से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुल बारिश और स्थानिक वितरण है। आने वाले हफ़्तों में स्थिति स्पष्ट होगी।
राज्य की तैयारियाँ
- NDRF और SDRF टीमें राज्य भर में तैनात
- तटीय ज़िलों में मछुआरों के लिए सलाह
- पहाड़ी क्षेत्रों (इडुक्की, वायनाड) में भूस्खलन निगरानी
- आपदा हेल्पलाइन 1077 — 24 घंटे सक्रिय
(समाचार स्रोत: IMD, india.com, businesstoday.in, newsx.com)