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मानसून की रफ्तार: दिल्ली-यूपी-राजस्थान समेत उत्तर भारत में झमाझम बारिश; 11 जुलाई तक का अलर्ट

उत्तर भारत के विशाल भूभाग में मानसून ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर…

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Author: Jagraj Published: 6 Jul 2026, 1:46 PM Updated: 6 Jul 2026, 1:46 PM Views: 4
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उत्तर भारत के विशाल भूभाग में मानसून ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। पिछले कुछ दिनों से जारी यह बारिश गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, लेकिन साथ ही कई स्थानों पर जलभराव और यातायात संबंधी चुनौतियां भी पैदा कर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई तक इन क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है।

Photo: Andre Mouton / Pexels

राजधानी दिल्ली में सुबह से ही रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने से कुछ इलाकों में वाहनों की गति धीमी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर लोग इस बारिश का आनंद ले रहे हैं। दिल्ली के पड़ोसी इलाकों, जैसे गुरुग्राम और नोएडा में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। किसानों के लिए यह बारिश विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मानसून का प्रभाव

उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश हुई है। ग्रामीण इलाकों में भी खेतों को पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे कृषि गतिविधियों में तेजी आई है। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिली है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाए हैं।

Photo: Elijah _photo / Pexels

राजस्थान, जो अपने शुष्क मौसम के लिए जाना जाता है, वहां भी मानसून की मेहरबानी दिख रही है। जयपुर, उदयपुर और कोटा सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। यह बारिश राज्य में पानी की कमी को दूर करने में सहायक सिद्ध होगी और भूजल स्तर को रिचार्ज करने में मदद करेगी। मरुस्थलीय राज्य के लिए यह बारिश न केवल कृषि बल्कि पेयजल आपूर्ति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मौसम विभाग की चेतावनी और आगामी अनुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में बताया है कि मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है, जिससे उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। विभाग ने 11 जुलाई तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को निचले इलाकों में जाने से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

Photo: Md Nadim Mahmud / Pexels

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की शुरुआत थोड़ी देरी से हुई थी, लेकिन अब इसने अच्छी गति पकड़ ली है। यह बारिश देश के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति को कम करने में मदद करेगी और कृषि उत्पादन के लिए शुभ संकेत है। हालांकि, शहरी क्षेत्रों में अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के कारण जलभराव एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधानों की आवश्यकता है।

आगामी दिनों में भी मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान लगाया है। खासकर पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट्स पर ध्यान देने की हिदायत दी गई है।

मानसून की यह सक्रियता न केवल मौसम को खुशनुमा बना रही है, बल्कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव डाल रही है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस साल अच्छी बारिश से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। हालांकि, प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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Staff Reporter at VG Khabar.

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