राजिम । छत्तीसगढ़ में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन ने गरियाबंद जिले के महत्वपूर्ण राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मुख्य जिला मार्ग के उन्नयन और मजबूतीकरण के लिए 153 करोड़ 82 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के तहत करीब 35.5 किलोमीटर सड़क का पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस सड़क परियोजना को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) को प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस मार्ग के विकसित होने से गरियाबंद, राजिम और महासमुंद क्षेत्र के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
153 करोड़ से होगा सड़क का उन्नयन
सरकार द्वारा स्वीकृत राशि से राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग को आधुनिक मानकों के अनुसार मजबूत और चौड़ा किया जाएगा। यह सड़क लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी, जिसके कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
इस परियोजना के तहत सड़क के साथ-साथ पुल-पुलिया और अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण भी किया जाएगा। जानकारी के अनुसार कुल स्वीकृत राशि में से लगभग 139 करोड़ रुपये सड़क और पुल निर्माण कार्यों के लिए तथा 14 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इससे सड़क की गुणवत्ता बेहतर होगी और यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित बन सकेगा।
केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत मिली मंजूरी
यह परियोजना केंद्रीय सड़क निधि (CRIF) योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इस योजना के माध्यम से देशभर में महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस वर्ष 1 जनवरी को इस सड़क परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अब निर्माण कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है।
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में कई अन्य सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है, जिनका उद्देश्य राज्य में बेहतर परिवहन नेटवर्क विकसित करना है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क है। यह मार्ग कई ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को जोड़ता है और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है।
सड़क के उन्नयन से किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को काफी लाभ मिलेगा। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और परिवहन लागत भी कम होगी।
इसके अलावा बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि राजिम क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष जोर
लोक निर्माण विभाग को इस परियोजना के निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सड़क निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री और तकनीक में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। अनावश्यक देरी या समय सीमा बढ़ाने से बचने के लिए विभाग को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लोगों में खुशी
सड़क परियोजना की मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लोग इस मार्ग के सुधार की मांग कर रहे थे, क्योंकि खराब सड़क के कारण यात्रा में समय अधिक लगता था और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क के निर्माण से क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।
सरकार का लक्ष्य: बेहतर कनेक्टिविटी
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाना है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर हो सके। बेहतर सड़कें आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क अवसंरचना के विकास से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आता है।