अफीम खेती के मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अफीम की अवैध खेती के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। दुर्ग जिले के एक गांव में अफीम की खेती के मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और तत्काल चर्चा की मांग की। इस दौरान विपक्षी कांग्रेस के विधायक आसंदी के सामने प्रदर्शन करने लगे, जिसके बाद सभापति ने कड़ा रुख अपनाते हुए 35 विधायकों को निलंबित कर दिया।
विधानसभा में यह मुद्दा उठते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्ष का आरोप था कि प्रदेश में अवैध अफीम खेती को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया।
काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा की मांग
प्रश्नकाल समाप्त होते ही नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने यह मुद्दा उठाया और काम रोको प्रस्ताव के तहत इस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया है, जो बेहद गंभीर है।
महंत ने आरोप लगाया कि इस मामले में सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं का नाम भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि जब राज्य की पहचान “धान का कटोरा” के रूप में रही है, तब इस तरह के मामलों से प्रदेश की छवि खराब हो सकती है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस
अफीम खेती के मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है। वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि मामले में जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान कई विधायकों ने अपनी-अपनी बात रखी और मामले की गहराई से जांच की मांग की। बहस के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि सदन में बार-बार व्यवधान की स्थिति बनती रही।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में आरोपी का नाम तीसरे नंबर पर दर्ज है, जबकि पहले नंबर पर अन्य लोगों के नाम हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अफीम की खेती के लिए प्रशिक्षित मजदूरों को बाहर से लाया जा रहा है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सरकार ने दी कार्रवाई की जानकारी
विपक्ष के आरोपों के जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई सरपंच की सूचना पर नहीं बल्कि मुखबिर की जानकारी के आधार पर की गई थी। पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि खेत से 6,224 किलो अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। इस मामले में आरोपी विश्नोई और विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
आसंदी के सामने प्रदर्शन, 35 विधायक निलंबित
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायक आसंदी के सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सभापति ने अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ा कदम उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेस के 35 विधायकों को निलंबित कर दिया।
इस फैसले के बाद सदन का माहौल और अधिक गरमा गया और विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप लगाया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
अफीम खेती का यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। विपक्ष इसे राज्य की कानून व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है।