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भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल

भीषण गर्मी में मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती, उपभोक्ता परेशान; जनगणना ट्रेनिंग पर भी पड़ा असर।

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Author: Simran Published: 17 Apr 2026, 6:00 PM Updated: 18 Apr 2026, 6:13 AM Views: 14
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तेज गर्मी के बीच लंबी बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी, प्रशासन पर उठे सवाल

भीषण गर्मी के बीच मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिनभर चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच बार-बार बिजली गुल होने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी कामकाज और जनगणना से जुड़ी ट्रेनिंग पर भी पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा बिना पर्याप्त सूचना के कई घंटों तक सप्लाई बंद कर दी जा रही है। इससे पानी की समस्या, ऑनलाइन कामकाज में बाधा और जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। ☀️

मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग मेंटेनेंस के नाम पर सुबह से दोपहर तक और कई बार शाम तक बिजली बंद कर देता है। गर्मी के मौसम में इस तरह की कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख समस्याएं:

  • 3 से 6 घंटे तक बिजली बंद
  • बिना पूर्व सूचना के कटौती
  • बार-बार सप्लाई बाधित
  • इन्वर्टर और पानी की समस्या

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मेंटेनेंस जरूरी है, लेकिन इसके लिए समय और सूचना तय होनी चाहिए।

जनगणना ट्रेनिंग पर पड़ा असर

बिजली कटौती का असर जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार ट्रेनिंग के दौरान बिजली नहीं होने से प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों का उपयोग नहीं हो पा रहा है।

भारत सरकार द्वारा जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ऐसे में बिजली कटौती से ट्रेनिंग कार्यक्रम बाधित हो रहे हैं।

प्रभावित गतिविधियां:

  • डिजिटल ट्रेनिंग
  • ऑनलाइन डेटा एंट्री
  • प्रेजेंटेशन
  • तकनीकी प्रशिक्षण

अधिकारियों ने बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

भीषण गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में पारा 42 से 45 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में बिजली कटौती लोगों के लिए और मुश्किल बन गई है।

गर्मी के कारण:

  • कूलर और पंखे बंद
  • पानी की कमी
  • बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी
  • स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा

विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। 🌡️

पानी की सप्लाई भी प्रभावित

बिजली नहीं होने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में मोटर नहीं चलने के कारण पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है।

उपभोक्ताओं की शिकायत:

  • पानी की कमी
  • टैंकर पर निर्भरता
  • सुबह-शाम सप्लाई प्रभावित

इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

बिजली विभाग की सफाई

राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि गर्मी के मौसम में लोड बढ़ने के कारण मेंटेनेंस जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार ट्रांसफार्मर और लाइनों की मरम्मत के लिए अस्थायी कटौती की जा रही है।

विभाग का कहना है:

  • मेंटेनेंस जरूरी
  • ओवरलोड से बचाव
  • भविष्य की समस्या रोकना

हालांकि, उपभोक्ता लंबे समय तक बिजली बंद रहने से नाराज हैं।

उपभोक्ताओं में नाराजगी

लगातार बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कई इलाकों में लोगों ने बिजली विभाग से शिकायत की है।

उपभोक्ताओं की मांग:

  • निर्धारित समय में कटौती
  • पूर्व सूचना
  • जल्दी सप्लाई बहाल

लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली कटौती कम की जानी चाहिए।

व्यापार पर भी असर

बिजली कटौती का असर छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। दुकानों और छोटे उद्योगों में काम प्रभावित हो रहा है।

प्रभावित क्षेत्र:

  • छोटी दुकानें
  • वर्कशॉप
  • ऑनलाइन काम

इससे आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। 💼

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली कटौती का समय तय किया जाए और ट्रेनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के दौरान सप्लाई सुनिश्चित की जाए।

संभावित समाधान:

  • शेड्यूल जारी करना
  • वैकल्पिक व्यवस्था
  • तेज मरम्मत कार्य

इससे समस्या कम हो सकती है।

निष्कर्ष

भीषण गर्मी के बीच मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। इसका असर जनगणना ट्रेनिंग, पानी की सप्लाई और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।

लोगों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और निर्धारित समय में कटौती की मांग की है। प्रशासन और बिजली विभाग के समन्वय से ही इस समस्या का समाधान संभव है। 

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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