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Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में लगेगा पहला ग्रेन एटीएम

छत्तीसगढ़ में पहला ग्रेन एटीएम शुरू होगा, अब मशीन से मिलेगा चावल, पारदर्शी और डिजिटल राशन वितरण की नई पहल।

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Author: Simran Published: 18 Mar 2026, 5:39 PM Updated: 16 May 2026, 1:55 PM Views: 77
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब प्रदेश में ‘ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत होने जा रही है, जिससे लाभार्थियों को एटीएम की तरह मशीन से सीधे चावल मिल सकेगा। इस नई व्यवस्था से न केवल राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि समय की बचत और गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी।

क्या है ग्रेन एटीएम और कैसे करेगा काम

ग्रेन एटीएम एक ऑटोमेटेड मशीन है, जो बैंक एटीएम की तरह काम करती है, लेकिन इसमें पैसे की जगह अनाज मिलेगा। इस मशीन में पहले से चावल या अन्य खाद्यान्न भरे जाएंगे। लाभार्थी अपने राशन कार्ड और आधार आधारित पहचान के जरिए मशीन से निर्धारित मात्रा में चावल निकाल सकेंगे।

मशीन में डिजिटल सिस्टम लगा होगा, जिससे हर ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति अपने हिस्से से अधिक या गलत तरीके से अनाज प्राप्त न कर सके।

पारदर्शिता और सुविधा का नया मॉडल

ग्रेन एटीएम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड सिस्टम पर आधारित होगा। इससे राशन दुकानों में होने वाली गड़बड़ियों, कालाबाजारी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

लाभार्थियों को अब दुकानदार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय मशीन से चावल प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होगी शुरुआत

सरकार इस योजना को पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करेगी। शुरुआती चरण में कुछ चुनिंदा जिलों या शहरी क्षेत्रों में ग्रेन एटीएम लगाए जाएंगे। इसके बाद इसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा।

यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

राशन वितरण में गड़बड़ियों पर लगेगी रोक

अक्सर देखा गया है कि राशन दुकानों में अनियमितता, कम तौल और फर्जी एंट्री जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रेन एटीएम इन समस्याओं को काफी हद तक खत्म कर सकता है।

हर बार मशीन से अनाज निकलने पर उसका पूरा डेटा सिस्टम में दर्ज होगा। इससे निगरानी आसान होगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।

तकनीक से जुड़ता ग्रामीण भारत

ग्रेन एटीएम के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक को बढ़ावा देना चाहती है। इससे लोगों को डिजिटल सिस्टम के उपयोग की आदत भी पड़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।

इसके अलावा, यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को भी मजबूत करेगी और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी।

लाभार्थियों को मिलेगा बेहतर अनुभव

इस नई व्यवस्था से लाभार्थियों को कई तरह के फायदे मिलेंगे। उन्हें लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी, समय की बचत होगी और सही मात्रा में राशन मिलेगा।

इसके साथ ही, मशीन के जरिए मिलने वाला अनाज साफ-सुथरा और सुरक्षित होगा, जिससे गुणवत्ता को लेकर भी लोगों का भरोसा बढ़ेगा।

सरकार की बड़ी पहल

राज्य सरकार का मानना है कि ग्रेन एटीएम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक रूप से भी बड़ा बदलाव ला सकती है।

आने वाले समय में यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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