रायपुर। छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। सरगुजा जिले के मैनपाट में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कें बर्फ की चादर जैसी नजर आईं। वहीं राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने से तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
मैनपाट में ओलावृष्टि से बदला नजारा
छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन मैनपाट में बुधवार को अचानक तेज बारिश के साथ ओले गिरे। ओलावृष्टि इतनी ज्यादा थी कि सड़कों और खेतों पर बर्फ की मोटी परत जम गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय के लिए पूरा इलाका कश्मीर जैसा नजर आने लगा।
इस प्राकृतिक घटना ने जहां लोगों को आकर्षित किया, वहीं किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से सब्जी और दलहन की फसल प्रभावित हो सकती है।
रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए
राजधानी रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में पूरे दिन बादल छाए रहे। कई जगहों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। बादलों की वजह से दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से यह बदलाव देखा जा रहा है। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना हुआ है।
तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। रायपुर सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक गिर गया है। जहां पहले तापमान 35 डिग्री के आसपास था, वहीं अब यह 30-31 डिग्री तक पहुंच गया है।
रात के तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में ठंडक महसूस हो रही है। अचानक हुए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 48 घंटों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चल सकती हैं और बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।
विशेष रूप से सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, बिलासपुर और रायपुर संभाग के जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए चिंता और राहत दोनों
इस मौसम परिवर्तन ने किसानों के लिए मिश्रित स्थिति पैदा कर दी है। एक ओर जहां बारिश से कुछ फसलों को फायदा हो सकता है, वहीं ओलावृष्टि से नुकसान की संभावना भी बनी हुई है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान इस दौरान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं और मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें।
आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
यात्रा करने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर उन इलाकों में जहां ओलावृष्टि या तेज बारिश हो रही है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में मौसम इसी तरह बना रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की संभावना है और तापमान फिर से बढ़ने लगेगा।
हालांकि, फिलहाल प्रदेश के लोगों को गर्मी से राहत मिली है और ठंडी हवाओं का आनंद मिल रहा है।