Sat, 9 May 2026 छत्तीसगढ़ संस्करण
Breaking
Sat, 9 May 2026
Advertisement
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना की रफ्तार धीमी

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कई इलाकों में अधूरा, उपभोक्ताओं को अब भी पुरानी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा।

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Simran Published: 8 May 2026, 6:14 PM Updated: 9 May 2026, 2:58 PM Views: 16
X

बिजली विभाग की योजना पर सवाल, उपभोक्ताओं को अब भी पुराने मीटरों पर निर्भर रहना पड़ रहा

छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई स्मार्ट मीटर परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है। राज्य के कई शहरों और कस्बों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।

बिजली विभाग द्वारा डिजिटल और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था लागू करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी गति उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखाई दे रही। ⚡

क्या है स्मार्ट मीटर परियोजना

स्मार्ट मीटर एक डिजिटल बिजली मीटर होता है, जो बिजली खपत की जानकारी रियल टाइम में रिकॉर्ड करता है।

मुख्य विशेषताएं:

  • बिजली उपयोग की डिजिटल मॉनिटरिंग
  • ऑनलाइन डेटा ट्रांसफर
  • सटीक बिलिंग व्यवस्था
  • बिजली चोरी पर नियंत्रण

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर और पारदर्शी बिजली सेवाएं देना है।

कई क्षेत्रों में अधूरा पड़ा काम

राज्य के कई इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

स्थिति:

  • कुछ जगहों पर काम शुरू ही नहीं हुआ
  • कई इलाकों में आधे मीटर लगाए गए
  • तकनीकी समस्याओं की शिकायत

इस कारण पुराने मीटरों पर निर्भरता बनी हुई है।

उपभोक्ताओं में बढ़ रही नाराजगी

स्मार्ट मीटर परियोजना की धीमी गति से उपभोक्ताओं में असंतोष देखा जा रहा है।

मुख्य शिकायतें:

  • काम अधूरा छोड़ दिया गया
  • बार-बार तारीख बदलना
  • जानकारी की कमी

कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

बिजली विभाग की चुनौती

बिजली विभाग के सामने इस परियोजना को समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

संभावित कारण:

  • तकनीकी बाधाएं
  • उपकरणों की कमी
  • फील्ड स्तर पर धीमी प्रक्रिया
  • ठेकेदारों की सुस्ती

इसी वजह से काम की गति प्रभावित हो रही है।

स्मार्ट मीटर से क्या होंगे फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू होने से बिजली सेवाओं में बड़ा सुधार हो सकता है।

संभावित लाभ:

  • सटीक बिजली बिल
  • बिजली चोरी में कमी
  • उपभोक्ता को रियल टाइम डेटा
  • विभाग को बेहतर निगरानी

यह बिजली प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी

ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम और धीमा बताया जा रहा है।

मुख्य समस्याएं:

  • तकनीकी संसाधनों की कमी
  • नेटवर्क समस्या
  • कर्मचारियों की उपलब्धता कम

इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।

शहरों में भी अधूरी प्रगति

सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं, कई शहरी इलाकों में भी काम अधूरा पड़ा हुआ है।

स्थिति:

  • कॉलोनियों में आधे मीटर लगे
  • इंस्टॉलेशन के बाद तकनीकी दिक्कतें
  • बिलिंग सिस्टम अपडेट में देरी

इससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

सरकार का फोकस डिजिटल व्यवस्था पर

राज्य और केंद्र सरकार दोनों बिजली क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।

मुख्य लक्ष्य:

  • स्मार्ट बिजली प्रबंधन
  • ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम
  • ऊर्जा बचत को बढ़ावा

स्मार्ट मीटर इसी डिजिटल परिवर्तन का हिस्सा हैं।

विशेषज्ञों की राय

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि परियोजना को तेजी से पूरा करना जरूरी है।

राय:

  • तकनीकी टीम बढ़ाई जाए
  • उपभोक्ताओं को जागरूक किया जाए
  • निगरानी व्यवस्था मजबूत हो

उन्होंने परियोजना में पारदर्शिता बढ़ाने की भी जरूरत बताई है।

बिजली चोरी रोकने में मदद

स्मार्ट मीटर को बिजली चोरी रोकने के लिए भी प्रभावी माना जा रहा है।

फायदे:

  • अनियमित खपत की पहचान
  • डेटा मॉनिटरिंग आसान
  • विभाग को रियल टाइम जानकारी

इससे बिजली कंपनियों को आर्थिक नुकसान कम हो सकता है।

लोगों में जागरूकता की कमी

कई उपभोक्ताओं को अभी तक स्मार्ट मीटर के फायदे और काम करने के तरीके की जानकारी नहीं है।

जरूरत:

  • जागरूकता अभियान
  • हेल्पलाइन सुविधा
  • तकनीकी सहायता

इससे लोगों का भरोसा बढ़ सकता है।

आगे क्या

आने वाले महीनों में परियोजना को तेज करने की संभावना जताई जा रही है।

संभावित कदम:

  • अतिरिक्त टीमें तैनात
  • लंबित कार्यों की समीक्षा
  • समय सीमा तय करना

प्रशासन इस योजना को जल्द पूरा करने का दावा कर रहा है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना का धीमा पड़ना बिजली विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। कई क्षेत्रों में अधूरा काम और तकनीकी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को अभी भी पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही।

हालांकि, स्मार्ट मीटर व्यवस्था भविष्य की आधुनिक बिजली प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। ऐसे में परियोजना को समय पर और प्रभावी तरीके से पूरा करना सरकार और विभाग दोनों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

S

Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

Published: 430 | Total Views: 20114

View Profile