होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त रुख सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यूरोपीय संघ (ईयू) और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने संयुक्त रूप से कड़ा बयान दिया।
क्या कहा गया
- किसी भी देश द्वारा जलडमरूमध्य पर संप्रभुता या नियंत्रण के दावे को "अवैध" बताया गया
- अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर परमिट या शुल्क लगाने का विरोध
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर तेल कीमतों और भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ता है।









