Wed, 20 May 2026 · भारत संस्करण
Breaking
छत्तीसगढ़ बिजली बिल ऑनलाइन भुगतान 2026: CSPDCL पोर्टल पर पेमेंट, बिल देखें और शिकायत दर्ज करने की पूरी गाइड उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान 2026: ₹5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण, पात्रता और आवेदन राजस्थान मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 2026: ₹25 लाख तक मुफ्त इलाज, पात्रता और आवेदन आधार कार्ड अपडेट 2026: नाम, पता, मोबाइल नंबर, फोटो कैसे बदलें — ऑनलाइन / ऑफलाइन पूरी प्रक्रिया ESIC कार्ड क्या है 2026: ₹21,000 तक मासिक वेतन वालों के लिए मुफ्त इलाज, पात्रता और आवेदन 2026 की 10 सबसे प्रतीक्षित बॉलीवुड फिल्में: रिलीज़ डेट, कास्ट और एक्सपेक्टेशन्स जो हिला देंगी बॉक्स ऑफिस
Wed, 20 May 2026
Advertisement
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख कैसे देखें: bhuiyan.cg.nic.in पर B-1, खसरा, नक्शा डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख ऑनलाइन देखने की पूरी गाइड — B-1, खसरा, नक्शा, राजस्व रिकॉर्ड bhuiyan.cg.nic.in पोर्टल से कैसे डाउनलोड करें।

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Jagraj Published: 19 May 2026, 6:54 AM Updated: 20 May 2026, 10:03 AM Views: 17
X

छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने अपने सभी राजस्व अभिलेख (भू-अभिलेख) ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए हैं। bhuiyan.cg.nic.in पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन का खसरा, B-1, नक्शा और अन्य राजस्व दस्तावेज घर बैठे डाउनलोड कर सकता है। पहले इन दस्तावेजों के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, परंतु अब यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है।

भू-अभिलेख क्या होते हैं

भू-अभिलेख वे आधिकारिक दस्तावेज होते हैं जो किसी जमीन के मालिकाना हक, क्षेत्रफल, सीमा, उपयोग और कर निर्धारण की जानकारी देते हैं। प्रमुख दस्तावेज हैं — खसरा (जमीन का यूनिक नंबर और विवरण), B-1 (खतौनी) (मालिक का नाम और हिस्सेदारी), नक्शा (जमीन का भौगोलिक प्रदर्शन), और P-II (फसल विवरण)।

bhuiyan पोर्टल पर खसरा कैसे देखें

चरण 1: अपने ब्राउज़र में bhuiyan.cg.nic.in टाइप करें। पोर्टल का होमपेज खुलेगा।

चरण 2: मुख्य मेन्यू में "नक्शा एवं भू-नक्शा" या "भू-अभिलेख" विकल्प पर क्लिक करें।

चरण 3: अपना जिला (जैसे रायपुर, बिलासपुर, जशपुर), तहसील, और हल्का (गाँव/क्षेत्र) चुनें।

चरण 4: इसके बाद आपको दो विकल्प मिलेंगे — खसरा क्रमांक से खोज या भू-स्वामी के नाम से खोज। उपयुक्त विकल्प चुनें।

चरण 5: मांगी गई जानकारी (खसरा नंबर / नाम) दर्ज करें और "खोजें" पर क्लिक करें।

चरण 6: परिणाम आने पर "विवरण देखें" पर क्लिक करें। आप दस्तावेज को PDF में डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

B-1 और खतौनी डाउनलोड की प्रक्रिया

B-1 दस्तावेज जमीन के मालिक का नाम, हिस्सेदारी और अधिकारों की जानकारी देता है। यह अक्सर बैंक लोन आवेदन, कोर्ट केस, और जमीन की खरीद-बिक्री में आवश्यक होता है। पोर्टल पर "B-1" टैब पर क्लिक करके खसरा नंबर डालने से यह दस्तावेज मिल जाता है।

भू-नक्शा कैसे डाउनलोड करें

जमीन का भौगोलिक नक्शा देखने के लिए पोर्टल पर "भू-नक्शा" सेक्शन में जाएँ। जिला → तहसील → गाँव चुनने के बाद नक्शा प्रदर्शित होगा। आप अपनी जमीन को नक्शे पर ज़ूम करके देख सकते हैं और प्रिंट निकाल सकते हैं।

आम समस्याएँ और समाधान

  • खसरा नंबर नहीं मिल रहा: स्थानीय पटवारी से अपना सही खसरा नंबर पुष्ट कर लें। पुराने रिकॉर्ड में बदलाव हुआ हो सकता है।
  • दस्तावेज में गलती है: तहसील कार्यालय में आवेदन देकर सुधार करवाएँ। आजकल लोक सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) में भी यह सुविधा है।
  • पोर्टल नहीं खुल रहा: सुबह 8 बजे से रात 10 बजे के बीच पोर्टल बेहतर काम करता है। पीक ट्रैफिक से बचें।
  • डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति चाहिए: कुछ कानूनी कार्यों के लिए डिजिटली हस्ताक्षरित B-1 आवश्यक होता है। यह अब "e-Dharti" सेवा से मिलता है।

शुल्क और समय

bhuiyan पोर्टल पर अधिकांश डाउनलोड निःशुल्क हैं। हालाँकि डिजिटली हस्ताक्षरित प्रति के लिए मामूली शुल्क (₹10-30) लग सकता है। दस्तावेज तुरंत डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाते हैं।

नामांतरण और सुधार कैसे करें

अगर जमीन बेची-खरीदी या विरासत में मिली है, तो नया नाम जोड़ने के लिए तहसील कार्यालय में नामांतरण आवेदन देना होता है। आवश्यक दस्तावेज — बिक्री विलेख / मृत्यु प्रमाण-पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र, और मूल खतौनी। प्रक्रिया 30-60 दिन में पूर्ण हो जाती है।

VG Khabar का विश्लेषण

VG Khabar का विश्लेषण: छत्तीसगढ़ सरकार का bhuiyan पोर्टल देश के बेहतर डिजिटल-लैंड-रिकॉर्ड सिस्टमों में से एक है। तहसील कार्यालयों पर निर्भरता कम होने से किसानों और जमीन मालिकों का समय और पैसा दोनों बचता है। हालाँकि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी एक चुनौती है। राज्य सरकार से अपेक्षा है कि वह पंचायत स्तर पर सहायता केंद्र खोले और ग्राम स्तर के कॉमन सर्विस सेंटरों को मजबूत करे। याद रखें — कोई भी जमीन-संबंधी निर्णय लेने से पहले अद्यतन भू-अभिलेख की जाँच अवश्य करें।

J

Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

Published: 98 | Total Views: 7338

View Profile