-जर्जर मिट्टी के घर से पक्के आशियाने तक पहुँचा परिवार, मिली सुरक्षित छत और आर्थिक संबल दुर्ग, 23 सितंबर 2026/
समाज के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा संकल्प’ अभियान दुर्ग जिले के संकटग्रस्त परिवारों के लिए एक सशक्त आधार बन रहा है। योजनाओं के बेहतर समन्वय से जरूरतमंद और असहाय परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत दुर्ग की ग्राम पंचायत रिसामा निवासी श्रीमती देवंतिन (पति श्री रमेश) के जीवन में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ और ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ अब "व्हीबी जीरामजी" ने एक नई उम्मीद जगाई है। श्रीमती देवंतिन ने बताया कि सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए एक स्वप्न जैसा था। कभी 5 सदस्यों का उनका परिवार जर्जर मिट्टी के मकान में रहने को मजबूर था। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण घर के सामान को बचाना और बच्चों को संभालना एक बड़ी चुनौती बन जाता था। सेवा संकल्प की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए उनके आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की गई और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उनका पक्का आवास स्वीकृत किया गया। आवास निर्माण के लिए उन्हें ₹1.20 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए मनरेगा के अंतर्गत 90 दिवस का रोजगार भी उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें ₹23,430 की मजदूरी भी प्राप्त हुई। रोजगार से मिली आय और पक्के आवास के सहयोग से आज देवंतिन का परिवार मजबूत दीवारों और सुरक्षित छत के नीचे सुकून का जीवन बिता रहा है। देवंतिन ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अब बारिश में पानी टपकने का डर खत्म हो गया है और बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है। उन्होंने संकट के समय में दोहरे संबल दिलाने वाली शासन-प्रशासन की इस संकल्पित सेवा भावना का सहृदय आभार व्यक्त किया।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन









