सड़क खोदकर छोड़ने पर उठे सवाल, बारिश से हालात और बिगड़े
खरोरा नगर में पीएचई विभाग द्वारा चल रहे निर्माण और पाइपलाइन कार्यों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर के कई मुख्य मार्गों और गलियों में गड्ढे खोदकर लंबे समय से छोड़ दिए गए हैं, जबकि जिन स्थानों पर गड्ढों को बंद किया गया है वहां भी गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हल्की बारिश के बाद ही सड़कों की स्थिति खराब हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अभी केवल हल्की बारिश हुई है और सड़कें कीचड़ तथा धूल से भर गई हैं। यदि भारी बारिश हुई तो स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।
तिगड्डा चौक से पुराने थाना रोड तक बदहाल स्थिति
खरोरा नगर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल तिगड्डा चौक से पुराने थाना रोड तक की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। इस सड़क पर दिनभर हजारों की संख्या में वाहन चलते हैं, लेकिन पाइपलाइन और खुदाई कार्य के कारण सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि सड़क खोदने के बाद उसे सही तरीके से मरम्मत नहीं किया गया। धूल और मिट्टी इतनी अधिक उड़ रही है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ फैल गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
गुणवत्ता विहीन कार्य पर लोगों ने जताई नाराजगी
नगरवासियों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत कार्य “थूक पालिश” की तरह किया जा रहा है, जिसमें केवल ऊपर से मिट्टी डालकर काम पूरा दिखाया जा रहा है। कुछ ही दिनों में सड़क दोबारा खराब हो जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शासन के कार्यों के लिए पूरा टेंडर लिया जाता है और भुगतान भी पूरा लिया जाएगा, तो कार्य की गुणवत्ता में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। लोगों ने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
कई गलियों में महीनों से खुले पड़े हैं गड्ढे
खरोरा नगर की कई कॉलोनियों और गलियों में महीनों से गड्ढे खुले पड़े होने की शिकायत सामने आई है। रहवासी क्षेत्रों में पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों को पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटाया गया है। कई जगहों पर छोटे बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटना का शिकार होते-होते बच रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि खुले गड्ढे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षित तरीके से सड़क मरम्मत कार्य कराया जाए।
बारिश के मौसम में बढ़ सकता है खतरा
बारिश शुरू होते ही नगर में जलभराव और कीचड़ की समस्या सामने आने लगी है। सड़क पर फैली मिट्टी बारिश में दलदल का रूप ले रही है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर नालियों का पानी भी सड़क पर बह रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित मरम्मत और सफाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। व्यापारियों को भी धूल और कीचड़ के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहक प्रभावित हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों पर उठे सवाल
नगरवासियों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर की मुख्य समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद सड़क और खुदाई कार्यों में सुधार नहीं दिखाई दे रहा।
नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करे और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाए ताकि जनता को राहत मिल सके।
जनता ने की जल्द समाधान की मांग
खरोरा नगर के लोगों ने प्रशासन और पीएचई विभाग से अपील की है कि सड़क मरम्मत और पाइपलाइन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। लोगों का कहना है कि आम जनता को परेशानियों में डालकर विकास कार्यों का कोई मतलब नहीं रह जाता।
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। फिलहाल लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय सुधार पर टिकी हुई हैं।