दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का असर तेज हो गया है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर के समय बढ़ते तापमान ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। इसके कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है और दिन के समय गर्मी का असर स्पष्ट महसूस किया जा रहा है।
मार्च के पहले सप्ताह में ही कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। बढ़ती गर्मी के कारण लोगों ने अब कूलर और पंखों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।
कई जिलों में 38 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान
प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार हाल के दिनों में कुछ जिलों में अधिकतम तापमान लगभग 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। इससे साफ है कि गर्मी ने समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च में सामान्य तौर पर तापमान तेजी से बढ़ता है और दुर्ग क्षेत्र में दिन का औसत तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
हालांकि सुबह और देर शाम के समय हल्की ठंडक अभी भी महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर में धूप काफी तेज हो जाती है, जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
शुष्क मौसम के कारण बढ़ रही गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है। आसमान साफ रहने और बादल नहीं होने के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।
इसके अलावा मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अंतर भी बढ़ रहा है। सुबह और रात में मौसम थोड़ा ठंडा रहता है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस होने लगती है।
लोगों की दिनचर्या पर असर
बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर भीड़ कम दिखाई देती है। लोग तेज धूप से बचने के लिए जरूरी काम सुबह या शाम के समय करना पसंद कर रहे हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग सिर ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर घर से निकल रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के मौसम में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
बिजली और पानी की मांग बढ़ी
मार्च की शुरुआत में ही गर्मी बढ़ने से बिजली और पानी की मांग भी बढ़ने लगी है। कई घरों में कूलर और पंखे लगातार चलने लगे हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ रही है।
पानी की खपत भी बढ़ रही है क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अधिक पानी पी रहे हैं और ठंडे पेय पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं।
नगर निगम और जल विभाग के अधिकारी भी गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि
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दोपहर की तेज धूप से बचें
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अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें
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हल्के और सूती कपड़े पहनें
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बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें
इन सावधानियों से गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
आगे और बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च के मध्य तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है। यदि मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी का असर और ज्यादा महसूस होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में मार्च से जून तक का समय प्री-मॉनसून गर्मी का मौसम माना जाता है, जिसमें तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और कई बार हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है।